addtext 05 18 06.55.45

अबूझमाड़ के सोमरू राम का बरसों का इंतजार खत्म, सुशासन शिविर में एक ही दिन में बना आधार कार्ड

सुशासन तिहार 2026 बना दूरस्थ वनांचल के ग्रामीणों के लिए राहत और भरोसे का माध्यम

रायपुर, 18 मई 2026।
छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के उद्देश्य से चलाया जा रहा ‘सुशासन तिहार 2026’ अभियान अब दूरस्थ और दुर्गम वनांचल क्षेत्रों में भी उम्मीद की नई किरण बनकर उभर रहा है। इसका एक प्रेरणादायक उदाहरण नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ क्षेत्र से सामने आया है, जहां ग्राम पीडियाकोट निवासी सोमरू राम पोडियाम का वर्षों से लंबित आधार कार्ड महज एक ही दिन में बनकर तैयार हो गया।

यह घटना न केवल प्रशासनिक तत्परता का उदाहरण है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि शासन अब अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक सेवाएं पहुंचाने के लिए गंभीरता से काम कर रहा है।


वर्षों से आधार कार्ड बनवाने के लिए भटक रहे थे सोमरू राम

अबूझमाड़ क्षेत्र देश के सबसे दुर्गम और पहुंचविहीन इलाकों में गिना जाता है। यहां आज भी सड़क, संचार और कई बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी है। ऐसे में ग्राम पीडियाकोट के रहने वाले सोमरू Ram पोडियाम आधार कार्ड बनवाने के लिए लंबे समय से प्रयास कर रहे थे, लेकिन हर बार दूरी, संसाधनों की कमी और प्रशासनिक सुविधाओं तक पहुंच न होने के कारण उनका काम अधूरा रह जाता था।

आधार कार्ड न होने की वजह से उन्हें कई सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। राशन, बैंकिंग सेवाएं, सामाजिक सुरक्षा योजनाएं और अन्य शासकीय सुविधाएं आधार से जुड़ी होने के कारण उनका जीवन प्रभावित हो रहा था।


सुशासन शिविर में पहुंचते ही मिला समाधान

सुशासन तिहार के तहत नारायणपुर जिले में लगाए गए समाधान शिविर में जब सोमरू राम की समस्या अधिकारियों के सामने आई, तो प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मौके पर ही समाधान की प्रक्रिया शुरू कर दी।

शिविर स्थल पर मौजूद अधिकारियों और तकनीकी टीम ने दस्तावेजों का सत्यापन किया तथा बायोमेट्रिक प्रक्रिया पूरी कर उसी दिन उनका आधार पंजीयन कर दिया। जो काम वर्षों से नहीं हो पा रहा था, वह प्रशासन की सक्रियता और संवेदनशीलता से कुछ ही घंटों में पूरा हो गया।


हाथ में आधार कार्ड आते ही छलक उठी खुशी

बरसों के इंतजार के बाद जब सोमरू राम को उनका आधार कार्ड मिला, तो उनके चेहरे पर संतोष और खुशी साफ दिखाई दी। उन्होंने भावुक होकर मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai और नारायणपुर जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया।

उन्होंने कहा कि अब उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होगी। पहली बार उन्हें महसूस हुआ कि प्रशासन खुद गांव तक पहुंचकर लोगों की समस्याओं को सुन रहा है और तत्काल समाधान कर रहा है।


अबूझमाड़ जैसे दुर्गम क्षेत्रों तक पहुंच रहा प्रशासन

अबूझमाड़ लंबे समय से भौगोलिक चुनौतियों और सीमित संसाधनों के कारण प्रशासनिक पहुंच से दूर माना जाता रहा है। ऐसे क्षेत्र में सुशासन तिहार के माध्यम से नागरिक सेवाओं का त्वरित और प्रभावी क्रियान्वयन प्रशासन की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

जिला प्रशासन के अधिकारियों के अनुसार, अभियान का मुख्य उद्देश्य यही है कि शासन की योजनाएं और जरूरी सेवाएं अंतिम व्यक्ति तक पारदर्शिता और सरलता के साथ पहुंचें। इसके लिए लगातार समाधान शिविरों का आयोजन किया जा रहा है ताकि ग्रामीणों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।


सुशासन तिहार बना जनविश्वास का अभियान

राज्य सरकार का यह अभियान अब केवल शिकायत निवारण कार्यक्रम नहीं रह गया है, बल्कि यह ग्रामीणों और प्रशासन के बीच भरोसे का पुल बनता जा रहा है। विशेष रूप से आदिवासी और दूरस्थ इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए यह अभियान राहत, सुविधा और सम्मान का माध्यम बन रहा है।

सोमरू राम की कहानी इस बात का उदाहरण है कि यदि प्रशासनिक इच्छाशक्ति मजबूत हो, तो दूरस्थ इलाकों में भी शासन की सेवाएं प्रभावी ढंग से पहुंचाई जा सकती हैं।


Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

स्वतंत्रता दिवस 80वां वर्षगांठ शुभकामना
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं