पद्म विभूषण डॉ. तीजन बाई को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दी अंतिम श्रद्धांजलि, कहा— छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को अपूरणीय क्षति

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रायपुर, 5 जुलाई 2026 | भारत36नेशनल

छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति की अमर स्वर-प्रतिमा, पद्म विभूषण से सम्मानित विश्वविख्यात पंडवानी गायिका डॉ. तीजन बाई के निधन पर पूरे प्रदेश में शोक की लहर है। रविवार को मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), रायपुर पहुंचकर डॉ. तीजन बाई के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इस दौरान उन्होंने शोक संतप्त परिजनों से मुलाकात कर अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं और इस दुख की घड़ी में हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि डॉ. तीजन बाई केवल छत्तीसगढ़ की नहीं, बल्कि पूरे देश की सांस्कृतिक पहचान थीं। उन्होंने अपनी अद्वितीय कला-साधना, समर्पण और असाधारण प्रतिभा के बल पर पंडवानी जैसी लोकगायन परंपरा को विश्व मंच तक पहुंचाया। उनके प्रयासों ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोकसंस्कृति को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाई।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. तीजन बाई का जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत रहेगा। उन्होंने सीमित संसाधनों और अनेक चुनौतियों के बीच अपनी प्रतिभा के दम पर जो मुकाम हासिल किया, वह भारतीय लोककलाओं के इतिहास में सदैव स्वर्ण अक्षरों में दर्ज रहेगा।

उन्होंने कहा कि डॉ. तीजन बाई का निधन छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति, पंडवानी परंपरा और सांस्कृतिक विरासत के लिए अपूरणीय क्षति है। उनका जाना केवल एक महान कलाकार का निधन नहीं, बल्कि लोककला की उस जीवंत परंपरा का मौन हो जाना है, जिसने दशकों तक अपनी आवाज से करोड़ों लोगों को भारतीय महाकाव्य और लोकसंस्कृति से जोड़े रखा।

एम्स रायपुर में आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान वातावरण अत्यंत भावुक रहा। प्रदेश के जनप्रतिनिधियों, कलाकारों, साहित्यकारों, सांस्कृतिक जगत से जुड़े लोगों तथा बड़ी संख्या में नागरिकों ने भी महान लोकगायिका को श्रद्धासुमन अर्पित किए।

इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, विधायक श्री पुरंदर मिश्रा सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

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डॉ. तीजन बाई: लोककला की अमर पहचान

डॉ. तीजन बाई ने पंडवानी गायन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाते हुए इसे देश-विदेश में सम्मान दिलाया। उनकी विशिष्ट प्रस्तुति शैली, प्रभावशाली वाचन और मंचीय अभिव्यक्ति ने उन्हें विश्वभर में पहचान दिलाई। उन्हें भारत सरकार द्वारा पद्मश्री, पद्मभूषण और पद्म विभूषण सहित अनेक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय सम्मानों से सम्मानित किया गया। वे छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक अस्मिता की सशक्त प्रतीक थीं और उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा।

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भारत36नेशनल परिवार भी महान लोकगायिका पद्म विभूषण डॉ. तीजन बाई को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता है। उनकी कला, संघर्ष और सांस्कृतिक विरासत आने वाली पीढ़ियों को सदैव प्रेरित करती रहेगी।

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