रायपुर | 17 अक्टूबर 2026 | Bharat36National News Desk
रायपुर पुलिस कमिश्नरेट ने ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा ऐप 3Stumps से जुड़े संगठित गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। गिरोह के मुख्य आरोपी बाबू उर्फ गुलशन खेमानी की लगभग 1 करोड़ 42 लाख रुपये मूल्य की संपत्तियों को कुर्क करने का आदेश न्यायालय ने जारी किया है। कुर्की की कार्रवाई में छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र में स्थित कृषि भूमि, भूखंड, व्यावसायिक दुकान और बैंक में जमा धनराशि शामिल है। पुलिस का उद्देश्य आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ-साथ अपराध से अर्जित अवैध संपत्ति और आर्थिक नेटवर्क पर भी प्रभावी कार्रवाई करना है।
ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई
रायपुर पुलिस कमिश्नरेट द्वारा संगठित अपराध और अवैध आर्थिक गतिविधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई है। पुलिस उपायुक्त, मध्य क्षेत्र और एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट (ACCU) की टीम ने थाना गंज पुलिस के साथ मिलकर ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा संचालित करने वाले गिरोह की गतिविधियों की जांच की थी।
पुलिस के अनुसार, इस मामले में मुख्य आरोपी बाबू उर्फ गुलशन खेमानी और उसके सहयोगियों के माध्यम से ऑनलाइन क्रिकेट सट्टे का नेटवर्क संचालित किया जा रहा था। जांच के दौरान आरोपियों की संपत्तियों और बैंक लेनदेन का विश्लेषण किया गया। इसके बाद कथित तौर पर अपराध से अर्जित संपत्तियों की पहचान कर उन्हें कुर्क करने के लिए न्यायालय में आवेदन प्रस्तुत किया गया।

न्यायालय ने 16 अक्टूबर 2026 को लगभग 1.42 करोड़ रुपये मूल्य की चिह्नित संपत्तियों के संबंध में कुर्की का आदेश पारित किया।
13 अप्रैल 2026 को हुआ था ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क का खुलासा
इस मामले की शुरुआत थाना गंज में दर्ज अपराध क्रमांक 110/2026 से हुई थी। पुलिस के अनुसार, 13 अप्रैल 2026 को एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और थाना गंज पुलिस की संयुक्त टीम ने ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा ऐप 3Stumps से जुड़े संगठित गिरोह का खुलासा किया था।
प्रकरण में छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम की धारा 7 और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 112(2) के तहत कार्रवाई की गई।
पुलिस की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, इस मामले में मुख्य आरोपी सहित कुल 29 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त, पूर्व की कार्रवाई के दौरान लगभग 1 करोड़ 20 लाख रुपये मूल्य की सामग्री और वाहन जब्त किए गए थे।
पुलिस अब इस प्रकरण में आरोपियों की कथित आर्थिक गतिविधियों, संपत्तियों और धन के लेनदेन की जांच के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई कर रही है।
कैसे संचालित होता था सट्टे का कथित नेटवर्क?
पुलिस की जांच में सामने आए विवरण के अनुसार, ऑनलाइन क्रिकेट सट्टे का संचालन कॉल सेंटर, विभिन्न मोबाइल नंबरों और बैंक खातों के माध्यम से किया जाता था।
पुलिस के मुताबिक, सट्टे से प्राप्त कथित अवैध धनराशि पहले अन्य व्यक्तियों के बैंक खातों में जमा कराई जाती थी। इसके बाद रकम को दोबारा संबंधित नेटवर्क से जुड़े खातों में स्थानांतरित किया जाता था। इस प्रक्रिया में सहयोग करने वाले व्यक्तियों को कमीशन दिए जाने की बात भी जांच में सामने आई है।
इस प्रकार के लेनदेन की जांच में बैंक खातों, धन के स्रोत, रकम के हस्तांतरण और संबंधित व्यक्तियों की संपत्तियों का वित्तीय विश्लेषण महत्वपूर्ण माना जाता है। रायपुर पुलिस ने इसी दिशा में कार्रवाई करते हुए आरोपियों की संपत्तियों को चिह्नित किया और न्यायालय से कुर्की का आदेश प्राप्त किया।
किन संपत्तियों को कुर्क करने का आदेश?
पुलिस की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, न्यायालय के आदेश में छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र में स्थित कुल लगभग 1.42 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियां और बैंक जमा धनराशि शामिल हैं।
चिह्नित संपत्तियों का विवरण इस प्रकार है:
- कृषि भूमि, ग्राम अरंड, महासमुंद: लगभग ₹1.78 लाख।
- भूखंड, देवपुरी, रायपुर: लगभग ₹23 लाख।
- भूखंड, जोरा पारा, रायपुर: लगभग ₹2.50 लाख।
- व्यावसायिक दुकान, अंबरनाथ, जिला ठाणे, महाराष्ट्र: लगभग ₹74 लाख।
- बैंक ऑफ इंडिया की एफडी से संबंधित अंकित धनराशि: लगभग ₹40.50 लाख।
इन संपत्तियों और बैंक जमा धनराशि का कुल घोषित मूल्य लगभग ₹1 करोड़ 41 लाख 78 हजार रुपये बनता है, जिसे लगभग ₹1.42 करोड़ कहा गया है।
इस कार्रवाई का दायरा केवल रायपुर तक सीमित नहीं है। संपत्तियों का छत्तीसगढ़ के विभिन्न स्थानों और महाराष्ट्र के ठाणे जिले तक फैला होना मामले की वित्तीय जांच के व्यापक स्वरूप को दर्शाता है।
BNSS की धारा 107 के तहत न्यायालयीन कार्रवाई
पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 107 के अंतर्गत संपत्तियों की कुर्की के लिए न्यायालय में आवेदन प्रस्तुत किया था। पुलिस विज्ञप्ति के अनुसार, माननीय न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, रायपुर ने विविध दांडिक प्रकरण क्रमांक 1353/2026 में 16 अक्टूबर 2026 को आदेश पारित किया।
यह कार्रवाई प्रकरण की वित्तीय विवेचना और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की गई है। इसका उद्देश्य कथित अपराध से अर्जित संपत्तियों को आगे हस्तांतरित किए जाने या उनके संबंध में अन्य लेनदेन पर रोक लगाने के लिए वैधानिक प्रक्रिया सुनिश्चित करना है।
यह स्पष्ट करना आवश्यक है कि संपत्ति कुर्क करने का आदेश अपने आप में किसी आरोपी की अंतिम दोषसिद्धि नहीं है। मामले में आरोपों का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के अनुसार होगा।
संपत्तियों के हस्तांतरण और बैंक लेनदेन पर रोक लगाने की प्रक्रिया
न्यायालय के आदेश के अनुपालन में रायपुर पुलिस ने संबंधित राजस्व अधिकारियों, पंजीयन कार्यालयों और बैंक प्रबंधन को पत्र जारी किए हैं। इन पत्रों के माध्यम से संबंधित संपत्तियों के हस्तांतरण और बैंक धनराशि के अंतरण पर रोक लगाने की कार्रवाई की जा रही है।
इसके साथ ही संबंधित जिला कलेक्टरों को आगामी वैधानिक प्रक्रिया के लिए पत्र भेजे गए हैं।
इस तरह की कार्रवाई में विभिन्न विभागों के बीच समन्वय आवश्यक होता है, क्योंकि संपत्तियां अलग-अलग जिलों और राज्यों में स्थित हैं। राजस्व रिकॉर्ड, पंजीयन संबंधी दस्तावेज और बैंक अभिलेखों के आधार पर न्यायालयीन आदेश को प्रभावी रूप से लागू किया जाता है।
गिरफ्तारी के साथ आर्थिक नेटवर्क पर भी पुलिस का फोकस
रायपुर पुलिस कमिश्नरेट ने स्पष्ट किया है कि संगठित अपराधों के विरुद्ध कार्रवाई केवल आरोपियों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रखी जाएगी। अपराध से अर्जित धनराशि, अचल संपत्तियों और आर्थिक नेटवर्क की भी जांच की जाएगी।
पुलिस के अनुसार, संगठित अपराधों के आर्थिक आधार को कमजोर करना और कथित अवैध गतिविधियों से प्राप्त लाभ पर कार्रवाई करना उसकी प्राथमिकताओं में शामिल है।
ऑनलाइन सट्टे जैसे मामलों में डिजिटल माध्यमों, मोबाइल नंबरों, बैंक खातों और धन के हस्तांतरण की जांच महत्वपूर्ण होती है। ऐसे नेटवर्क से जुड़े आर्थिक लेनदेन की पहचान होने पर संबंधित संपत्तियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है।
रायपुर पुलिस ने संकेत दिया है कि अन्य गंभीर और संगठित अपराधों में भी वित्तीय विवेचना के आधार पर संपत्ति कुर्क करने की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
ऑनलाइन सट्टे के खिलाफ कार्रवाई का क्या है महत्व?
ऑनलाइन क्रिकेट सट्टे से जुड़े मामलों में पुलिस के सामने केवल संचालन करने वाले व्यक्तियों की पहचान करने की चुनौती नहीं होती, बल्कि कथित अवैध कमाई के स्रोत, धन के प्रवाह और उससे खरीदी गई संपत्तियों की पहचान करना भी महत्वपूर्ण होता है।
इस मामले में लगभग 1.42 करोड़ रुपये की संपत्तियों के संबंध में कुर्की का न्यायालयीन आदेश यह दर्शाता है कि जांच का दायरा आरोपियों की गिरफ्तारी और जब्ती से आगे बढ़कर वित्तीय पहलुओं तक पहुंचा है।
हालांकि, संपत्तियों की कुर्की, जब्ती और अंतिम रूप से उनके संबंध में होने वाली वैधानिक कार्रवाई अलग-अलग प्रक्रियाएं हैं। आगे की कार्रवाई न्यायालय के आदेशों और लागू कानून के अनुसार की जाएगी।
निष्कर्ष
3Stumps ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा प्रकरण में रायपुर पुलिस की ताजा कार्रवाई का मुख्य पहलू लगभग 1.42 करोड़ रुपये की संपत्तियों को कुर्क करने का न्यायालयीन आदेश है। पुलिस के अनुसार, इस मामले में अब तक 29 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और पूर्व में लगभग 1.20 करोड़ रुपये मूल्य की सामग्री एवं वाहन जब्त किए गए थे।
अब संबंधित संपत्तियों और बैंक जमा धनराशि के हस्तांतरण पर रोक लगाने की प्रक्रिया शुरू की गई है। आने वाले समय में इस प्रकरण की वित्तीय जांच और न्यायालयीन कार्यवाही के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।
Bharat36National की रिपोर्ट: ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क के खिलाफ इस कार्रवाई में पुलिस का जोर केवल आरोपियों की गिरफ्तारी पर नहीं, बल्कि कथित अवैध कमाई से जुड़ी संपत्तियों की पहचान और उन पर वैधानिक कार्रवाई करने पर भी है।
स्रोत: रायपुर पुलिस कमिश्नरेट की प्रेस विज्ञप्ति, दिनांक 16 अक्टूबर 2026।
अस्वीकरण: यह समाचार पुलिस द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में उपलब्ध जानकारी पर आधारित है। आरोपों और संबंधित संपत्तियों के संबंध में अंतिम निर्णय सक्षम न्यायालय द्वारा किया जाएगा।

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इलेक्ट्रॉनिक मीडिया VIP News मे छत्तीसगढ़ में ब्यूरो चीफ बनाए जाने पर विशेष पहचान मिली।
🎙️ प्रिंट मीडिया के साथ-साथ उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में News 21,बुलंद छत्तीसगढ़ तथा आवाम दुत में ब्युरो प्रमुख Chhattisgarh के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाईं।
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