राष्ट्रीय मंच पर चमकी धमतरी की अभिनव पहल: CSC स्थापना दिवस पर PACS ड्रोन मॉडल को मिली विशेष पहचान

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रायपुर | 18 जुलाई 2026 | भारत36नेशनल डेस्क

छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले ने कृषि क्षेत्र में डिजिटल नवाचार और आधुनिक तकनीक के प्रभावी उपयोग से एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई है। कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) ई-गवर्नेंस सर्विसेज इंडिया लिमिटेड के 17वें स्थापना दिवस समारोह में धमतरी के PACS ड्रोन मॉडल को देशभर के सामने एक सफल और अनुकरणीय मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया गया। यह सम्मान न केवल जिले के लिए, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय माना जा रहा है।

यह राष्ट्रीय समारोह पश्चिम बंगाल के कोलकाता स्थित धोनो धान्यो ऑडिटोरियम में आयोजित किया गया, जिसमें देशभर के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, नीति निर्माता, CSC प्रतिनिधि तथा विभिन्न राज्यों के नवाचारों को प्रस्तुत करने वाले अधिकारी शामिल हुए।

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धमतरी के PACS ड्रोन मॉडल ने बटोरी राष्ट्रीय सराहना

समारोह के दौरान धमतरी जिले द्वारा प्राथमिक कृषि साख समितियों (PACS) के माध्यम से संचालित ड्रोन सेवाओं, डिजिटल क्रॉप सर्वे और किसान पंजीयन (Farmer Registry) जैसे नवाचारों की विशेष प्रशंसा की गई। ग्रामीण क्षेत्रों में तकनीक आधारित कृषि सेवाओं को प्रभावी ढंग से पहुंचाने के इस मॉडल को अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणादायक बताया गया।

पैनल चर्चा में प्रस्तुत किया गया भविष्य का रोडमैप

कार्यक्रम में जिला पंचायत धमतरी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) जयंत नाहटा ने “PACS के माध्यम से कृषि उन्नयन” विषय पर आयोजित पैनल चर्चा में हिस्सा लिया।

उन्होंने बताया कि धमतरी जिले की 10 प्राथमिक कृषि साख समितियों के माध्यम से वर्तमान में किसानों के खेतों में ड्रोन द्वारा तरल उर्वरकों का छिड़काव किया जा रहा है। यह पहल छत्तीसगढ़ में अपनी तरह की पहली और अभिनव पहल मानी जा रही है।

PACS बनेंगे ‘वन स्टॉप रूरल सर्विस सेंटर’

जयंत नाहटा ने बताया कि भविष्य में PACS को केवल ऋण वितरण केंद्र तक सीमित न रखकर ‘वन स्टॉप रूरल सर्विस सेंटर’ के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके माध्यम से किसानों को एक ही स्थान पर अनेक आधुनिक सेवाएं उपलब्ध कराने की योजना तैयार की गई है।

इन सेवाओं में शामिल होंगी—

  • कृषि यंत्रीकरण संबंधी सुविधाएं
  • ड्रोन आधारित कृषि सेवाएं
  • डिजिटल फसल सर्वेक्षण
  • किसान पंजीयन (Farmer Registry)
  • बैंकिंग एवं वित्तीय सेवाएं
  • डिजिटल शासन सेवाएं
  • कृषि परामर्श एवं तकनीकी सहायता

इस पहल से ग्रामीण क्षेत्रों में आधुनिक तकनीक की पहुंच बढ़ेगी तथा किसानों को समय, लागत और संसाधनों की बचत के साथ बेहतर सेवाएं मिल सकेंगी।

आधुनिक तकनीक से बढ़ेगी किसानों की आय

कार्यक्रम में मौजूद विशेषज्ञों और वक्ताओं ने कहा कि कृषि क्षेत्र में ड्रोन तकनीक, डिजिटल सर्वे और ई-गवर्नेंस सेवाओं का विस्तार किसानों की आय बढ़ाने, उत्पादन लागत कम करने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि तकनीक आधारित कृषि सेवाएं भविष्य की खेती का आधार बनेंगी और इससे खेती अधिक वैज्ञानिक, पारदर्शी तथा लाभकारी होगी।

उत्कृष्ट CSC-VLE का हुआ सम्मान

समारोह के दौरान विभिन्न राज्यों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले CSC-VLE (Village Level Entrepreneurs) को भी सम्मानित किया गया। डिजिटल इंडिया अभियान को ग्रामीण स्तर तक प्रभावी बनाने में उनकी भूमिका की सराहना की गई।

राष्ट्रीय स्तर के वरिष्ठ अधिकारी रहे उपस्थित

इस अवसर पर पश्चिम बंगाल सरकार के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री दिलीप घोष मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

इसके अलावा कार्यक्रम में—

  • पश्चिम बंगाल शासन के सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के अपर मुख्य सचिव
  • भारत सरकार के विधि एवं न्याय मंत्रालय के सचिव
  • CSC ई-गवर्नेंस सर्विसेज इंडिया लिमिटेड के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी अखिल कुमार
  • देशभर के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी एवं CSC प्रतिनिधि

ने सहभागिता कर ग्रामीण डिजिटल सेवाओं के विस्तार पर अपने विचार साझा किए।

छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय

धमतरी जिले के PACS ड्रोन मॉडल को राष्ट्रीय मंच पर मिली यह पहचान इस बात का प्रमाण है कि यदि तकनीक, प्रशासन और सहकारी संस्थाओं का प्रभावी समन्वय हो तो ग्रामीण क्षेत्रों में भी आधुनिक कृषि क्रांति संभव है। यह पहल आने वाले समय में अन्य जिलों और राज्यों के लिए भी एक सफल मॉडल बन सकती है।


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