गरियाबंद में वन विभाग की बड़ी सफलता: केरावाहारा में आतंक मचाने वाला तेंदुआ सुरक्षित रेस्क्यू, बड़ा हादसा टला

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भारत36नेशनल | रायपुर | 1 अगस्त 2026

छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के ग्राम केरावाहारा (ग्राम पंचायत जोवा) में पिछले एक महीने से ग्रामीणों के लिए चिंता का कारण बने तेंदुए को वन विभाग ने सफलतापूर्वक सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया है। वन विभाग की सतर्कता, सुनियोजित रणनीति और त्वरित कार्रवाई के चलते संभावित मानव-वन्यजीव संघर्ष को टाल दिया गया। तेंदुए को बिना किसी नुकसान के केज ट्रैप (पिंजरे) के माध्यम से सुरक्षित पकड़ा गया, जिसके बाद उसका स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है।

वन मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार गरियाबंद वनमंडल की टीम ने पूरे अभियान की लगातार निगरानी की। विभाग के अनुसार तेंदुआ बीते एक महीने से लगातार रिहायशी इलाकों और विद्यालय परिसर के आसपास देखा जा रहा था, जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल था।

लगातार निगरानी के बाद मिली सफलता

वनमंडलाधिकारी श्री ससिगानंदन के. ने बताया कि तेंदुए ने क्षेत्र में कई बार पालतू मवेशियों पर हमला किया था। इसके अलावा आबादी वाले क्षेत्रों और स्कूल परिसर के आसपास उसकी मौजूदगी की लगातार सूचना मिल रही थी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग ने विशेष निगरानी अभियान शुरू किया और रणनीतिक स्थानों पर केज ट्रैप लगाए।

रेस्क्यू टीम की रणनीति रही कारगर

इस अभियान का संचालन वनमंडलाधिकारी श्री ससिगानंदन के., उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व के उप निदेशक श्री वरुण जैन तथा वन्यप्राणी चिकित्सा अधिकारी डॉ. राकेश वर्मा के निर्देशन में किया गया। ग्राम जोवा और केरावाहारा में लगाए गए केज ट्रैप के साथ प्रशिक्षित लेपर्ड रेस्क्यू टीम को आवश्यक उपकरणों सहित तैनात रखा गया था ताकि किसी भी आपात स्थिति से तत्काल निपटा जा सके।

वन विभाग को इस अभियान के लिए प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) एवं मुख्य वन्यजीव वार्डन, छत्तीसगढ़ से आवश्यक अनुमति और दिशा-निर्देश भी प्राप्त थे।

सुरक्षित रेस्क्यू के बाद स्वास्थ्य परीक्षण जारी

तेंदुए के सुरक्षित पकड़े जाने के बाद विभागीय टीम तुरंत मौके पर पहुंची और उसकी सुरक्षा सुनिश्चित की। फिलहाल तीन सदस्यीय पशु चिकित्सक दल तेंदुए का विस्तृत स्वास्थ्य परीक्षण कर रहा है। परीक्षण के दौरान उसकी शारीरिक स्थिति, किसी संभावित चोट या बीमारी तथा प्राकृतिक आवास में पुनः छोड़े जाने की उपयुक्तता का आकलन किया जाएगा।

विशेषज्ञों की रिपोर्ट मिलने के बाद वन विभाग नियमानुसार आगे की कार्रवाई करेगा।

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भीड़ नियंत्रित कर बनाई गई सुरक्षा व्यवस्था

रेस्क्यू के बाद मौके पर लोगों की भीड़ न जुटे, इसके लिए वन विभाग ने सुरक्षा व्यवस्था भी सुनिश्चित की। अधिकारियों ने बताया कि पूरे अभियान के दौरान तेंदुए और स्थानीय लोगों, दोनों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई।

ग्रामीणों से वन विभाग की अपील

वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर विश्वास न करें। यदि क्षेत्र में किसी वन्यजीव की गतिविधि दिखाई दे तो स्वयं कोई कदम उठाने के बजाय तत्काल निकटतम वन अधिकारी या वन अमले को सूचना दें। विभाग ने स्पष्ट किया है कि मानव जीवन और वन्यजीव संरक्षण दोनों समान रूप से महत्वपूर्ण हैं और सभी आवश्यक कदम वैज्ञानिक एवं कानूनी प्रक्रिया के तहत उठाए जा रहे हैं।

भारत36नेशनल की नजर

गरियाबंद में तेंदुए का सुरक्षित रेस्क्यू वन विभाग की सतर्कता और प्रभावी वन्यजीव प्रबंधन का उदाहरण है। समय रहते की गई कार्रवाई से न केवल ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित हुई, बल्कि वन्यजीव संरक्षण की दिशा में भी एक सकारात्मक संदेश गया। विशेषज्ञों की रिपोर्ट के बाद तेंदुए को उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ने या अन्य आवश्यक कदमों पर निर्णय लिया जाएगा।

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