80वें स्वतंत्रता दिवस पर मुख्यमंत्री ने रायपुर में किया ध्वजारोहण, प्रदेश के विकास का रखा विस्तृत रोडमैप
रायपुर, 15 अगस्त 2026। 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर के पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित राज्य स्तरीय मुख्य समारोह में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने ध्वजारोहण कर प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता संग्राम के अमर शहीदों, स्वतंत्रता सेनानियों और छत्तीसगढ़ की धरती के जननायकों को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए कहा कि स्वतंत्रता दिवस केवल उत्सव का अवसर नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण के संकल्प को मजबूत करने का दिन है।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में नक्सलवाद से मुक्त छत्तीसगढ़, विकसित बस्तर, किसान कल्याण, महिला सशक्तीकरण, युवाओं के रोजगार, आधुनिक अधोसंरचना, औद्योगिक निवेश, एआई आधारित अर्थव्यवस्था, सुशासन और सांस्कृतिक विरासत सहित सरकार की प्राथमिकताओं का विस्तृत खाका प्रदेशवासियों के सामने रखा।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के दृढ़ संकल्प से नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक सफलता मिली है। अब छत्तीसगढ़, विशेषकर बस्तर, हिंसा और भय की पहचान से बाहर निकलकर शांति, विश्वास, विकास और समृद्धि की नई यात्रा पर आगे बढ़ रहा है।

बस्तर में शांति के साथ विकास का नया सूर्योदय
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि माओवाद से मुक्त बस्तर में आज तिरंगा यात्राओं के माध्यम से स्वतंत्रता का उत्सव मनाया जा रहा है। जिन क्षेत्रों में कभी हिंसा और भय का वातावरण था, वहां अब विकास और विश्वास की नई सुबह दिखाई दे रही है।
उन्होंने कहा कि बस्तर के नवनिर्माण का यह स्वर्णिम समय है और डबल इंजन सरकार बस्तर के सर्वांगीण विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। जगदलपुर में राष्ट्रीय स्तर की मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक का आयोजन भी बदलते बस्तर की नई पहचान का प्रतीक है।
‘नियद नेल्ला नार 2.0’ और ‘बस्तर मुन्ने अभियान’ के माध्यम से 31 योजनाओं और 14 सामुदायिक सुविधाओं का शत-प्रतिशत सेचुरेशन सुनिश्चित करते हुए बस्तर संभाग के 39 लाख से अधिक लोगों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा रहा है।
नक्सल हिंसा के कारण बंद स्कूलों को दोबारा शुरू करने के साथ 36 नए स्कूल स्वीकृत किए गए हैं। ओरछा और जगरगुंडा जैसे दूरस्थ इलाकों में एजुकेशन सिटी विकसित की जा रही है।
‘मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान’ के तहत 34 लाख से अधिक लोगों की स्वास्थ्य जांच कर हेल्थ प्रोफाइल तैयार की गई है। करीब 10 लाख परिवारों की आय बढ़ाने के लिए 4,824 करोड़ रुपये की ‘आजीविका उन्नयन योजना’ तैयार की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सुरक्षा कैंप अब केवल सुरक्षा के केंद्र नहीं, बल्कि सेवा और विकास के केंद्र भी बन रहे हैं। वीर गुंडाधुर के गांव नेतानार से शुरू ‘सेवा डेरा’ के माध्यम से नागरिक सुविधाओं, कौशल विकास और उद्यमिता को बढ़ावा दिया जा रहा है।
बस्तर में सड़क, बिजली, परिवहन और संचार नेटवर्क को मजबूत करने की दिशा में भी तेजी से काम किया जा रहा है। 461 सौर ऊर्जीकृत गांवों को ग्रिड आधारित बिजली व्यवस्था से जोड़ने और 234 अंदरूनी बसाहटों को मुख्य सड़कों से जोड़ने का काम आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा के माध्यम से बस्तर और सरगुजा संभाग के 814 गांवों को सार्वजनिक परिवहन की सुविधा मिल रही है।
किसान हैं सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और अन्नदाताओं का सुख, सम्मान तथा समृद्धि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
प्रदेश में किसानों से 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से धान खरीदा जा रहा है। ‘कृषक उन्नति योजना’ की राशि का एकमुश्त भुगतान होली से पहले किया गया।
सरकार फसल विविधीकरण को भी प्रोत्साहित कर रही है। धान के स्थान पर दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो, कुटकी और रागी जैसी फसलें लेने वाले किसानों को ‘कृषक उन्नति योजना’ के तहत 15 हजार रुपये की आदान सहायता देने का निर्णय लिया गया है।
‘सहकार से समृद्धि’ की अवधारणा के अनुरूप प्रदेश के 2,028 पैक्स का कंप्यूटरीकरण पूरा किया जा चुका है। इनमें से 1,988 पैक्स कॉमन सर्विस सेंटर के रूप में भी सेवाएं दे रहे हैं।
सिंचाई विस्तार को मिली बड़ी गति
प्रदेश में सिंचाई क्षमता बढ़ाने के लिए 11 हजार करोड़ रुपये से अधिक की मंजूरी दी गई है।
पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की नदियों को जोड़ने की सोच को आगे बढ़ाते हुए सिकासार-कोडार नहर लिंकिंग परियोजना के लिए 3,047 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है।
‘अटल सिंचाई योजना’ के माध्यम से बंद पड़ी सिंचाई परियोजनाओं का पुनरुद्धार किया जा रहा है। इंद्रावती नदी पर लगभग 2 हजार करोड़ रुपये की लागत से मटनार और देउरगांव बैराज बनाए जाएंगे। इनसे लगभग 32 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होने की उम्मीद है।
तेंदूपत्ता संग्राहकों को 5,500 रुपये प्रति मानक बोरा पारिश्रमिक दिया जा रहा है तथा ‘चरण पादुका योजना’ को पुनः प्रारंभ किया गया है।
हर जरूरतमंद परिवार तक पक्का मकान
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘मोदी की गारंटी’ के अनुरूप प्रदेश में हर जरूरतमंद परिवार को पक्का घर उपलब्ध कराने का अभियान तेजी से आगे बढ़ रहा है।
कैबिनेट की पहली बैठक में 18 लाख आवासों की स्वीकृति के बाद अब तक 24 लाख 50 हजार आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं। प्रदेश में प्रतिदिन औसतन 1,600 घरों का निर्माण किया जा रहा है।
‘प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना’ और ‘मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना’ के माध्यम से 73 लाख परिवारों को निःशुल्क खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है।
महतारी वंदन से महिला सशक्तीकरण को मजबूती
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला सशक्तीकरण के बिना प्रदेश का समग्र विकास संभव नहीं है। ‘महतारी वंदन योजना’ के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाया जा रहा है।
योजना के तहत अब तक 19,444 करोड़ रुपये महिलाओं के खातों में अंतरित किए जा चुके हैं। प्रदेश में 13 लाख 85 हजार महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं।
जनजातीय क्षेत्रों के विकास पर भी सरकार का विशेष फोकस है। प्रधानमंत्री जनमन योजना से 56 हजार से अधिक पीवीटीजी परिवारों तक बुनियादी सुविधाएं पहुंची हैं। 6,691 जनजातीय बहुल गांवों में ‘धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान’ का लाभ पहुंचाया जा रहा है।
वनाधिकार पत्रों के वारिसों के पट्टों के नामांतरण की प्रक्रिया शुरू की गई है। पेसा कानून के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए टास्क फोर्स गठित की गई है।
युवाओं के लिए रोजगार, शिक्षा और नवाचार के अवसर
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में युवाओं की भूमिका निर्णायक होगी। रोजगार, शिक्षा, कौशल विकास, खेल और नवाचार के क्षेत्र में नए अवसर तैयार किए जा रहे हैं।
प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता के लिए महत्वपूर्ण सुधार किए गए हैं। तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के पदों पर भर्ती के लिए छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल का गठन किया गया है। परीक्षाओं में नकल और अनुचित साधनों को रोकने के लिए सख्त कानून भी बनाया गया है।
पुलिस में 7 हजार युवाओं की भर्ती की गई है। शिक्षक एवं सहायक शिक्षक के 3,946 पदों तथा बिजली कंपनियों में 1,235 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
नीट, जेईई, क्लैट, रेलवे, एसएससी, बैंकिंग, पीएससी और यूपीएससी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए ‘सीजी असिस्टेंस फॉर कॉम्पिटिटिव एक्जाम योजना’ शुरू की जा रही है।
चार वर्ष की सैन्य सेवा पूरी करने वाले छत्तीसगढ़ के अग्निवीरों को पुलिस आरक्षक, वनरक्षक और जेल प्रहरी की सीधी भर्ती में 10 प्रतिशत आरक्षण देने का निर्णय भी लिया गया है।
500 करोड़ रुपये का एआई मिशन
छत्तीसगढ़ को भविष्य की डिजिटल और तकनीकी अर्थव्यवस्था के लिए तैयार करने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने 500 करोड़ रुपये के ‘छत्तीसगढ़ राज्य एआई मिशन’ को मंजूरी दी है।
इस मिशन के तहत 100 एआई डेटा लैब, पांच सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और 50 से अधिक एआई आधारित सेवाएं विकसित की जाएंगी। छह लाख विद्यार्थियों और डेढ़ लाख सरकारी कर्मचारियों को एआई का प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा गया है।
स्टार्टअप क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए छत्तीसगढ़ स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति के अंतर्गत 100 करोड़ रुपये का स्टार्टअप फंड बनाया गया है।
पीएम सेतु के तहत 30 आईटीआई का उन्नयन किया जा रहा है। प्रदेश में फॉरेंसिक यूनिवर्सिटी कैंपस, निफ्ट और नाइलिट जैसे संस्थान स्थापित किए जा रहे हैं।
गीदम, कुनकुरी, जांजगीर-चांपा, मनेंद्रगढ़ और कवर्धा में पांच मेडिकल कॉलेज इसी सत्र से प्रारंभ किए जा रहे हैं।
खेल प्रतिभाओं को मिलेगा प्रोत्साहन
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए खेल अधोसंरचना को मजबूत किया जाएगा।
इसके लिए ‘मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन’ शुरू किया जा रहा है। ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक जीतने वाली छत्तीसगढ़ की बेटी ज्ञानेश्वरी यादव को डीएसपी पद पर पदोन्नत करने और 30 लाख रुपये की सम्मान राशि देने का निर्णय लिया गया है।
राज्य के 156 उत्कृष्ट खिलाड़ियों के लिए शासकीय सेवा के द्वार खोले गए हैं। देश के पहले खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की सफल मेजबानी के बाद अगले वर्ष भी छत्तीसगढ़ में इन खेलों का आयोजन किया जाएगा।
निवेश और रोजगार के नए केंद्र के रूप में उभर रहा छत्तीसगढ़
नई औद्योगिक नीति के माध्यम से पारंपरिक कोर सेक्टर के साथ-साथ नए और उभरते उद्योगों को प्रोत्साहित किया जा रहा है।
देश-दुनिया में आयोजित इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रमों से अब तक 8 लाख 23 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इनसे लगभग 1 लाख 74 हजार रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है।
नवा रायपुर में प्रदेश की पहली गारमेंट इकाई स्विफ्ट टेक्सटाइल से 4,600 से अधिक युवाओं को रोजगार मिलने की संभावना है। मुंगेली में भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड का प्लांट स्थापित किया जाएगा।
प्रदेश में 23 नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए जा रहे हैं। राजनांदगांव में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर 2.0, नवा रायपुर में फर्नीचर क्लस्टर तथा जांजगीर-चांपा और राजनांदगांव में स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क विकसित किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ में देश का पहला एआई एसईजेड विकसित किया जा रहा है। रायपुर, नवा रायपुर और दुर्ग-भिलाई को शामिल करते हुए स्टेट कैपिटल रीजन का गठन किया गया है।
ऊर्जा, सड़क, रेल और डिजिटल कनेक्टिविटी पर जोर
भविष्य की ऊर्जा जरूरतों को देखते हुए उत्पादन, पारेषण और वितरण तीनों क्षेत्रों में दीर्घकालिक रणनीति के साथ काम किया जा रहा है।
एनर्जी समिट में 3.50 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। ‘मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना’ के माध्यम से 12 लाख से अधिक उपभोक्ताओं का 910 करोड़ रुपये का सरचार्ज माफ किया गया है।
90 हजार से अधिक उपभोक्ता ‘प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ का लाभ उठा रहे हैं।
भारत माला परियोजना, रायपुर-विशाखापट्टनम एक्सप्रेसवे, रायपुर-धनबाद इकोनॉमिक कॉरिडोर और रावघाट-जगदलपुर रेल नेटवर्क को प्रदेश के आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण परियोजनाओं के रूप में रेखांकित किया गया।
‘सीजी वायु योजना’ के माध्यम से प्रमुख हवाई अड्डों से हवाई सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है। पिछले ढाई वर्षों में दूरस्थ क्षेत्रों में 829 मोबाइल टावर स्थापित किए गए हैं। भारतनेट 3.0 के माध्यम से 5,659 ग्राम पंचायतों को हाईस्पीड इंटरनेट से जोड़ने का लक्ष्य है।
सुशासन में तकनीक का बढ़ता इस्तेमाल
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी के सुशासन के आदर्शों पर आगे बढ़ रही है।
ई-ऑफिस प्रणाली लागू की गई है। ‘सीएम हेल्पलाइन 1076’ के माध्यम से 80 हजार से अधिक शिकायतों का निराकरण किया गया है। ‘सेवा सेतु पोर्टल’ पर शासन की 700 से अधिक सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध हैं।
स्मार्ट पंजीयन कार्यालय, रजिस्ट्री में सुधार और ऑटो म्यूटेशन जैसी व्यवस्थाओं से नागरिक सेवाओं को सरल बनाया गया है।
7,524 ग्राम पंचायतों में ‘अटल पंचायत डिजिटल सुविधा केंद्र’ स्थापित किए गए हैं, जहां ग्रामीणों को डिजिटल और बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
‘मेरी बेटी-मेरा अभिमान’ अभियान की घोषणा
स्वतंत्रता दिवस समारोह में मुख्यमंत्री ने बेटियों के सम्मान और सुविधा से जुड़ी महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए ‘मेरी बेटी-मेरा अभिमान’ अभियान शुरू करने की घोषणा की।
इसके तहत प्रदेश के 6,671 शासकीय विद्यालयों में बेटियों के लिए शौचालय बनाए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘विकसित भारत-जी राम जी योजना’ के माध्यम से प्रदेश में रोजगार और विकास का नया अध्याय शुरू होगा। इसके तहत 6,524 गांवों में मुक्तिधाम एवं प्रतीक्षालय बनाए जाएंगे।
साइबर अपराध से निपटने पर विशेष फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि मजबूत कानून-व्यवस्था सुशासन की पहली शर्त है। नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ साइबर अपराधों से निपटने के लिए राज्य में नौ नए साइबर पुलिस थाने बनाए गए हैं।
डायल-112 सेवा को पूरे प्रदेश में लागू किया गया है।
पर्यटन और छत्तीसगढ़ी संस्कृति को वैश्विक पहचान
छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक और सांस्कृतिक विरासत को देश-दुनिया के पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने के लिए ‘मुख्यमंत्री पर्यटन मिशन’ के माध्यम से बस्तर और सरगुजा में पर्यटन सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।
बस्तर ओलंपिक, सरगुजा ओलंपिक और बस्तर पंडुम जैसे आयोजनों ने प्रदेश की जनजातीय संस्कृति, खेल प्रतिभा और प्राकृतिक सुंदरता को नई पहचान दी है।
चित्रकोट को ग्लोबल टूरिस्ट डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करते हुए वहां टेंट सिटी बनाई जाएगी। सिरपुर को विश्व धरोहर स्थल के मानकों के अनुरूप विकसित करने की दिशा में काम किया जाएगा।
लोककला और संस्कृति के संरक्षण के लिए पद्मविभूषण स्वर्गीय डॉ. तीजन बाई की विरासत को सम्मानित करने हेतु ‘डॉ. तीजन बाई लोककला अलंकरण’ शुरू करने की घोषणा की गई है।
छत्तीसगढ़ी सिनेमा के विकास के लिए ‘चित्रोत्पला फिल्म सिटी’ के निर्माण का निर्णय लिया गया है।
संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की जयंती पर सार्वजनिक अवकाश और उनके नाम पर राज्य अलंकरण पुरस्कार देने का निर्णय भी लिया गया।
आरंग के रीवां में उत्खनन के दौरान मिली लगभग 2,750 वर्ष पुरानी मानव बस्ती को मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ की प्राचीन ऐतिहासिक और सांस्कृतिक समृद्धि का महत्वपूर्ण प्रमाण बताया।
विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण
मुख्यमंत्री ने कहा कि अधोसंरचना और आर्थिक विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण भी सरकार की प्रमुख प्राथमिकता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत प्रदेश में अब तक सात करोड़ से अधिक पौधे लगाए जा चुके हैं।
धार्मिक और आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के तहत ‘रामलला अयोध्या धाम दर्शन योजना’ के माध्यम से 49 हजार से अधिक तथा ‘मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना’ के माध्यम से 10 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को प्रमुख तीर्थस्थलों के दर्शन कराए गए हैं।
विकसित भारत के साथ विकसित छत्तीसगढ़ का संकल्प
अपने संबोधन के समापन में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ केवल सरकार का लक्ष्य नहीं, बल्कि प्रदेश के प्रत्येक नागरिक का सामूहिक संकल्प है।
उन्होंने ऋग्वेद के मंत्र — “संगच्छध्वं, सं वदध्वं, सं वो मनांसि जानताम्।” — का उल्लेख करते हुए प्रदेशवासियों से एकजुट होकर छत्तीसगढ़ और भारत के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वतंत्रता के अमृत मूल्यों से प्रेरणा लेकर, अपने कर्तव्यों को सर्वोपरि रखते हुए और ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास’ की भावना के साथ विकसित छत्तीसगढ़ के माध्यम से विकसित भारत के संकल्प को साकार किया जाएगा।
स्वतंत्रता दिवस पर मुख्यमंत्री का संदेश स्पष्ट रहा—नक्सलवाद से मुक्त छत्तीसगढ़ अब शांति, विश्वास और विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है और आने वाले वर्षों में बस्तर से लेकर राज्य के प्रत्येक गांव तक विकास की नई कहानी लिखने का लक्ष्य है।

📰 वर्ष 2022 से पत्रकारिता जगत में सक्रिय सोनू कुमार ने अपनी पहचान निर्भीक, निष्पक्ष और जनहित की पत्रकारिता से बनाई है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत समय घटति घटना दैनिक अख़बार से रायपुर जिला ब्यूरो चीफ के रूप में की। वर्ष 2023 में रायपुर पत्रिका दैनिक से जुड़ने के बाद
इलेक्ट्रॉनिक मीडिया VIP News मे छत्तीसगढ़ में ब्यूरो चीफ बनाए जाने पर विशेष पहचान मिली।
🎙️ प्रिंट मीडिया के साथ-साथ उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में News 21,बुलंद छत्तीसगढ़ तथा आवाम दुत में ब्युरो प्रमुख Chhattisgarh के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाईं।
📺 वर्तमान में वे “Bharat 36 National” YouTube चैनल एवं 🌐 Bharat36National.com पोर्टल के संपादक के रूप में सक्रिय हैं।
✨ पहचान — बेबाक, तेज़ और सच को जनता तक पहुँचाने वाली पत्रकारिता।



