पांच साल की पदस्थापना, स्थानांतरण नीति, विज्ञापन-टेंडर प्रक्रिया, कथित दुर्व्यवहार और संपत्ति से जुड़े मामलों की जांच की मांग
रायपुर। छत्तीसगढ़ में जनसंपर्क विभाग/संवाद कार्यालय में पदस्थ अपर संचालक संजीव तिवारी को लेकर प्रेस एंड मीडिया वेलफेयर एसोसिएशन, छत्तीसगढ़ ने विभिन्न शिकायतों और आरोपों की निष्पक्ष एवं स्वतंत्र जांच की मांग की है। इस संबंध में एसोसिएशन की ओर से राज्यपाल, मुख्यमंत्री, वित्त मंत्री, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, मुख्य सचिव सहित शासन स्तर के संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा गया है।
एसोसिएशन का कहना है कि ज्ञापन में उठाए गए बिंदुओं की जांच दस्तावेजों, सरकारी अभिलेखों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष तरीके से की जानी चाहिए। संगठन ने यह भी मांग की है कि जांच के दौरान यदि किसी प्रकार की अनियमितता अथवा नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
करीब पांच साल की पदस्थापना और स्थानांतरण नीति पर सवाल
प्रदेश प्रधान महासचिव राहुल कुमार मिश्रा द्वारा प्रस्तुत ज्ञापन में संजीव तिवारी की लंबे समय से चली आ रही पदस्थापना को लेकर नियमसम्मत स्थिति की जांच कराने की मांग की गई है।
ज्ञापन में छत्तीसगढ़ शासन के सामान्य प्रशासन विभाग की स्थानांतरण नीति-2025, File No. RULE-3017/2/2025-GAD-6, दिनांक 05 जून 2025 का उल्लेख किया गया है। एसोसिएशन ने मांग की है कि पिछले पांच वर्षों के दौरान संजीव तिवारी की पदस्थापना, स्थानांतरण, पदोन्नति, कार्य-विभाजन, अतिरिक्त प्रभार तथा किसी भी प्रकार की स्थानांतरण छूट से संबंधित आदेशों और सक्षम स्तर से प्राप्त अनुमोदनों की जांच की जाए।
संगठन ने विशेष रूप से 03 अगस्त 2026 को जारी संबंधित शासन अधिसूचना/पत्र के संदर्भ में भी पदस्थापना की नियमसम्मत स्थिति का परीक्षण कराने की मांग की है।
विज्ञापन आवंटन और टेंडर प्रक्रिया की स्वतंत्र जांच की मांग
ज्ञापन में जनसंपर्क विभाग/संवाद कार्यालय में पिछले पांच वर्षों के दौरान हुए सरकारी विज्ञापन आवंटन और टेंडर प्रक्रियाओं को भी जांच के दायरे में शामिल करने की मांग की गई है।
एसोसिएशन के अनुसार जांच में यह देखा जाना चाहिए कि विज्ञापन प्राप्त करने वाले समाचार पत्रों और मीडिया संस्थानों की पात्रता क्या थी, उनके पंजीयन एवं प्रसार से संबंधित दस्तावेजों का सत्यापन किस प्रकार किया गया, विज्ञापन दरों का निर्धारण किस आधार पर हुआ और भुगतान प्रक्रिया में किन नियमों का पालन किया गया।
इसके साथ ही संगठन ने संबंधित बिल, भुगतान अभिलेख, चयन समिति के निर्णय, विभागीय फाइल, नोटशीट तथा अनुमोदन प्रक्रिया का स्वतंत्र ऑडिट कराने की मांग की है।
एसोसिएशन ने कहा है कि यदि जांच के दौरान किसी अपात्र संस्था अथवा व्यक्ति को नियमों के विपरीत लाभ पहुंचाने की पुष्टि होती है तो संबंधित अधिकारियों, कर्मचारियों या लाभार्थियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
पत्रकारों से कथित दुर्व्यवहार और मारपीट के मामलों की जांच
ज्ञापन में पत्रकारों और समाचार संस्थानों के प्रतिनिधियों के साथ कथित दुर्व्यवहार एवं मारपीट से संबंधित शिकायतों का भी उल्लेख किया गया है।
एसोसिएशन ने बुलंद छत्तीसगढ़ समाचार पत्र के हॉकर प्रतिनिधि से संबंधित कथित मारपीट की घटना की निष्पक्ष जांच की मांग की है। संगठन ने इस मामले में पुलिस रिकॉर्ड, CCTV फुटेज, उपलब्ध वीडियो, संबंधित समाचार प्रकाशनों तथा प्रत्यक्षदर्शियों के बयान सहित सभी संभावित साक्ष्यों की जांच कराने की मांग रखी है।
ज्ञापन में राखी थाना, नया रायपुर में दर्ज FIR-165/25 का भी उल्लेख किया गया है। एसोसिएशन ने मांग की है कि इस मामले में उपलब्ध साक्ष्यों का निष्पक्ष परीक्षण किया जाए और जांच के निष्कर्ष से संबंधित पक्षों को नियमानुसार अवगत कराया जाए।
आय और संपत्ति की जांच की भी मांग
शिकायत में संजीव तिवारी की पिछले पांच वर्षों की ज्ञात आय और संपत्ति से संबंधित मामलों की सक्षम वैधानिक एजेंसी के माध्यम से जांच कराने की मांग भी की गई है।
एसोसिएशन ने चल-अचल संपत्ति, बैंक खातों एवं वित्तीय लेन-देन, निवेश और आय के ज्ञात स्रोतों का नियमानुसार परीक्षण कराने की मांग की है।
इसके अतिरिक्त खसरा क्रमांक 289/143 से संबंधित भूमि का मौके पर सीमांकन कराकर राजस्व अभिलेखों और वास्तविक स्थिति का मिलान कराने की मांग भी ज्ञापन में की गई है।
संगठन ने कहा है कि यदि सक्षम जांच में शासकीय भूमि पर किसी प्रकार का अनधिकृत कब्जा या अन्य अनियमितता प्रमाणित होती है तो संबंधित नियमों के तहत कार्रवाई की जानी चाहिए।
जांच पूरी होने तक संवेदनशील जिम्मेदारियों से अलग करने की मांग
प्रेस एंड मीडिया वेलफेयर एसोसिएशन ने निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए एक महत्वपूर्ण मांग यह भी रखी है कि जांच पूरी होने तक संजीव तिवारी को विज्ञापन, टेंडर अथवा अन्य संवेदनशील वित्तीय एवं प्रशासनिक कार्यों से अलग रखने पर शासन नियमानुसार विचार करे।
एसोसिएशन का तर्क है कि जिन मामलों में विभागीय रिकॉर्ड, वित्तीय दस्तावेज और प्रशासनिक निर्णय जांच का विषय हों, वहां जांच की निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए आवश्यक प्रशासनिक व्यवस्था की जानी चाहिए।
राजनीतिक छवि प्रभावित करना उद्देश्य नहीं : एसोसिएशन
एसोसिएशन ने अपने ज्ञापन में स्पष्ट किया है कि उसका उद्देश्य मुख्यमंत्री विष्णु देव साय अथवा किसी अन्य व्यक्ति की राजनीतिक छवि को प्रभावित करना नहीं है।
संगठन के मुताबिक उसका उद्देश्य अधिकारियों के विरुद्ध प्राप्त शिकायतों की निष्पक्ष जांच, शासन व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित कराना है। एसोसिएशन ने शासन से आग्रह किया है कि ज्ञापन में लगाए गए सभी आरोपों को पूर्वाग्रह से मुक्त होकर दस्तावेजों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जांचा जाए।
संगठन ने यह भी कहा है कि जांच के दौरान यदि आरोप प्रमाणित होते हैं तो संबंधित नियमों के तहत आवश्यक विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
ज्ञापन सौंपने के दौरान ये पदाधिकारी रहे मौजूद
ज्ञापन सौंपे जाने के दौरान प्रेस एंड मीडिया वेलफेयर एसोसिएशन के कई प्रमुख पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे। इनमें कार्यकारी अध्यक्ष सोनू रेलवानी, प्रदेश महासचिव परितोष शर्मा, संदीप शर्मा, प्रदेश प्रभारी शशिकांत देवांगन उर्फ सनसनी, कानूनी सलाहकार शिव शंकर सहित राहुल कुमार मिश्रा, आनंद गुप्ता, खिलावन चक्रधारी, सरस बर्मन, संतोष यदु और जावेद खान शामिल रहे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रदेश प्रधान महासचिव राहुल कुमार मिश्रा ने की।

जांच के निष्कर्ष पर टिकी निगाहें
अपर संचालक संजीव तिवारी से संबंधित इन शिकायतों में पदस्थापना से लेकर विभागीय विज्ञापन एवं टेंडर प्रक्रिया, कथित दुर्व्यवहार, FIR और संपत्ति से जुड़े अलग-अलग बिंदु उठाए गए हैं। अब इस मामले में शासन स्तर पर शिकायतों पर क्या कार्रवाई होती है और क्या किसी सक्षम एजेंसी से औपचारिक जांच कराई जाती है, यह देखने वाली बात होगी।
महत्वपूर्ण: ज्ञापन में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में नहीं की जा रही है। संबंधित आरोप जांच का विषय हैं और आरोपों की सत्यता सक्षम जांच/प्राधिकरण के निष्कर्ष के बाद ही स्थापित मानी जाएगी।

📰 वर्ष 2022 से पत्रकारिता जगत में सक्रिय सोनू कुमार ने अपनी पहचान निर्भीक, निष्पक्ष और जनहित की पत्रकारिता से बनाई है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत समय घटति घटना दैनिक अख़बार से रायपुर जिला ब्यूरो चीफ के रूप में की। वर्ष 2023 में रायपुर पत्रिका दैनिक से जुड़ने के बाद
इलेक्ट्रॉनिक मीडिया VIP News मे छत्तीसगढ़ में ब्यूरो चीफ बनाए जाने पर विशेष पहचान मिली।
🎙️ प्रिंट मीडिया के साथ-साथ उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में News 21,बुलंद छत्तीसगढ़ तथा आवाम दुत में ब्युरो प्रमुख Chhattisgarh के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाईं।
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