शिक्षा, अनुसंधान और कृषि प्रसार के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्यों का मिला परिणाम; कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल एवं टीम को दी बधाई
रायपुर, 9 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ के कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि सामने आई है। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV), रायपुर को भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के राष्ट्रीय कृषि शिक्षा अधिमान्यता बोर्ड द्वारा ‘A ग्रेड’ के साथ अधिमान्यता प्रदान की गई है। ICAR द्वारा हाल ही में जारी कृषि विश्वविद्यालयों की अधिमान्यता सूची में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय को देश के उत्कृष्ट कृषि विश्वविद्यालयों में स्थान मिला है।
विश्वविद्यालय तथा इसके अंतर्गत संचालित विभिन्न कृषि महाविद्यालयों और शिक्षण कार्यक्रमों को मार्च 2024 से मार्च 2029 तक की अवधि के लिए ‘A ग्रेड’ के साथ मान्यता प्रदान की गई है। विश्वविद्यालय के स्नातक, स्नातकोत्तर एवं शोध कार्यक्रमों को भी इस अधिमान्यता प्रक्रिया में शामिल किया गया है।
‘B’ से ‘A ग्रेड’ तक पहुंचा विश्वविद्यालय
इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि ICAR द्वारा वर्ष 2019 में जारी अधिमान्यता सूची में विश्वविद्यालय को ‘B ग्रेड’ प्राप्त हुआ था। इसके बाद शिक्षण, अनुसंधान, अधोसंरचना, कृषि प्रसार, नवाचार और विद्यार्थी सुविधाओं के क्षेत्र में किए गए लगातार प्रयासों का परिणाम अब ‘A ग्रेड’ के रूप में सामने आया है।
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, पिछले चार वर्षों में शिक्षा, अनुसंधान और कृषि प्रसार को मजबूत करने के लिए अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए गए। इन्हीं प्रयासों ने विश्वविद्यालय की गुणवत्ता और संस्थागत क्षमता को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने दी बधाई
इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय की इस उपलब्धि पर कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल तथा विश्वविद्यालय के समस्त शिक्षकों, अधिकारियों, कर्मचारियों और सहयोगियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।
कृषि शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में विश्वविद्यालय की इस उपलब्धि को छत्तीसगढ़ के लिए गौरवपूर्ण बताया जा रहा है। ‘A ग्रेड’ मिलने से विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय स्तर पर शैक्षणिक साख और मजबूत होने की उम्मीद है।
किन आधारों पर मिला ‘A ग्रेड’?
ICAR की अधिमान्यता प्रक्रिया में कृषि विश्वविद्यालयों के प्रदर्शन का विभिन्न महत्वपूर्ण मानकों पर मूल्यांकन किया जाता है। इनमें प्रमुख रूप से—
- शिक्षण व्यवस्था और अकादमिक गुणवत्ता
- शिक्षण अधोसंरचना
- प्रयोगशालाओं की उपलब्धता और गुणवत्ता
- पुस्तकालय एवं अध्ययन सुविधाएं
- छात्र-शिक्षक अनुपात
- छात्रावास एवं अन्य विद्यार्थी सुविधाएं
- खेल एवं अन्य सह-पाठ्यक्रम गतिविधियां
- अनुसंधान एवं नवाचार
- किसानों तक कृषि तकनीकों का हस्तांतरण
- विद्यार्थियों के प्लेसमेंट की स्थिति
- प्रवेश प्रक्रिया और पाठ्यक्रम
- शिक्षण-अध्यापन की गुणवत्ता
- अकादमिक नियम एवं मूल्यांकन व्यवस्था
- छात्रवृत्ति एवं छात्र कल्याण
- संस्थागत डाटाबेस एवं प्रशासनिक व्यवस्था
जैसे बिंदुओं का परीक्षण किया जाता है।
विश्वविद्यालय और विभिन्न महाविद्यालयों में कक्षाओं, प्रयोगशालाओं, लाइब्रेरी, हॉस्टल, खेल मैदान, फर्नीचर तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं की स्थिति को भी मूल्यांकन में शामिल किया गया।
‘A ग्रेड’ से विश्वविद्यालय को क्या होंगे फायदे?
इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय को ‘A ग्रेड’ मिलने से विश्वविद्यालय की शैक्षणिक और संस्थागत साख में वृद्धि होने की उम्मीद है। यह ग्रेड विश्वविद्यालय द्वारा शिक्षण, अनुसंधान, अधोसंरचना, प्रशासन और छात्र सहायता के क्षेत्र में किए गए गुणवत्तापूर्ण कार्यों का महत्वपूर्ण प्रमाण माना जा रहा है।
इसके साथ ही विश्वविद्यालय को केंद्र एवं राज्य सरकार, ICAR, विभिन्न अनुसंधान संस्थानों तथा राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से शैक्षणिक और अनुसंधान परियोजनाओं के लिए वित्तीय सहयोग प्राप्त करने में भी मदद मिल सकती है।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत संस्थानों के प्रदर्शन और गुणवत्ता को ध्यान में रखते हुए अधोसंरचना एवं शैक्षणिक कार्यक्रमों के लिए सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था है। ऐसे में बेहतर ग्रेड विश्वविद्यालय के लिए नए महाविद्यालय भवन, छात्रावास, प्रयोगशालाएं, लाइब्रेरी, खेल सुविधाएं तथा अन्य अधोसंरचनात्मक परियोजनाओं को आगे बढ़ाने में उपयोगी साबित हो सकता है।
राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ेगी साख
‘A ग्रेड’ के साथ अधिमान्यता मिलने से इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान और मजबूत होने की संभावना है। इससे देश-विदेश के बेहतर विद्यार्थी विश्वविद्यालय की ओर आकर्षित हो सकते हैं।
साथ ही अन्य विश्वविद्यालयों, विदेशी शैक्षणिक संस्थानों और अनुसंधान संगठनों के साथ संयुक्त शिक्षण एवं शोध कार्यक्रमों के अवसर बढ़ने की उम्मीद है। कृषि अनुसंधान, कृषि प्रसार, तकनीकी नवाचार तथा उद्योगों के साथ सहयोग को भी इससे नई गति मिल सकती है।
चार वर्षों में शिक्षा और अधोसंरचना पर जोर
कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल के हाल के चार वर्षीय कार्यकाल के दौरान विश्वविद्यालय में शिक्षा, अधोसंरचना, अनुसंधान, तकनीकी विकास और किसान कल्याण के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण कार्य किए गए हैं।
विश्वविद्यालय में नए कृषि महाविद्यालय स्थापित किए गए हैं। विद्यार्थियों की प्रवेश क्षमता में वृद्धि के साथ स्मार्ट क्लासरूम, छात्रावास और आधुनिक ऑडिटोरियम जैसी सुविधाओं का विस्तार किया गया है।
स्नातक पाठ्यक्रमों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 लागू की गई है। इसके अलावा शिक्षकों एवं सहायक स्टाफ की भर्ती के माध्यम से मानव संसाधन को भी मजबूत किया गया है।
डिजिटल शिक्षा और तकनीकी सुविधाओं को बढ़ावा
विश्वविद्यालय द्वारा डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए स्मार्ट कक्षाओं की स्थापना की गई है। विद्यार्थियों की सुविधा के लिए डिग्री एवं प्रमाणपत्रों को डिजिलॉकर पर उपलब्ध कराने की दिशा में भी कार्य किया गया है।
विश्वविद्यालय ने राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के साथ अपने शैक्षणिक संबंधों को मजबूत किया है। इसके परिणामस्वरूप विद्यार्थियों को विदेशों में उच्च शिक्षा और अनुसंधान के अवसर भी प्राप्त हुए हैं।
NIRF में भी हासिल कर चुका है महत्वपूर्ण स्थान
इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय की शैक्षणिक उपलब्धियों की एक और महत्वपूर्ण कड़ी इसकी NIRF रैंकिंग है। विश्वविद्यालय को विगत वर्ष NIRF रैंकिंग में 28वां स्थान प्राप्त हुआ था। विश्वविद्यालय के अनुसार, NIRF रैंकिंग में स्थान प्राप्त करने वाला यह छत्तीसगढ़ का एकमात्र विश्वविद्यालय है।
ICAR की अधिमान्यता में ‘A ग्रेड’ और NIRF में बेहतर स्थान को विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता तथा अनुसंधान क्षमता के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धियों के रूप में देखा जा रहा है।
छत्तीसगढ़ के कृषि शिक्षा क्षेत्र को मिलेगी नई पहचान
ICAR की ‘A ग्रेड’ अधिमान्यता केवल इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय की उपलब्धि नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के कृषि शिक्षा, अनुसंधान और कृषि प्रसार के क्षेत्र के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इससे राज्य में कृषि शिक्षा की गुणवत्ता को नई पहचान मिलने के साथ-साथ आधुनिक कृषि तकनीकों को किसानों तक पहुंचाने और कृषि अनुसंधान को मजबूत करने की दिशा में नए अवसर पैदा हो सकते हैं।
विश्वविद्यालय की ओर से शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार, डिजिटल तकनीक और किसान-केंद्रित कृषि प्रसार को आगे बढ़ाने के प्रयासों के बीच ‘A ग्रेड’ अधिमान्यता को एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है।
— सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी







📰 वर्ष 2022 से पत्रकारिता जगत में सक्रिय सोनू कुमार ने अपनी पहचान निर्भीक, निष्पक्ष और जनहित की पत्रकारिता से बनाई है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत समय घटति घटना दैनिक अख़बार से रायपुर जिला ब्यूरो चीफ के रूप में की। वर्ष 2023 में रायपुर पत्रिका दैनिक से जुड़ने के बाद
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