रायपुर/अंबिकापुर। सरगुजा संभाग और अंबिकापुर क्षेत्र में पत्रकारों एवं सोशल मीडिया एक्टिविस्टों के खिलाफ दर्ज शिकायतों, FIR और सोशल मीडिया पर कथित व्यक्तिगत एवं चरित्र-हनन अभियानों को लेकर प्रेस एंड मीडिया वेलफेयर एसोसिएशन, छत्तीसगढ़ इकाई ने उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की है। एसोसिएशन की ओर से मुख्यमंत्री को सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि जनहित से जुड़े मुद्दे उठाने वाले पत्रकारों और सोशल मीडिया एक्टिविस्टों से संबंधित मामलों की स्वतंत्र रूप से समीक्षा की जानी चाहिए।
FIR और शिकायतों की पृष्ठभूमि की जांच की मांग
ज्ञापन में कई पत्रकारों और सोशल मीडिया एक्टिविस्टों से जुड़े प्रकरणों का उल्लेख करते हुए संबंधित FIR की परिस्थितियों और उनके पत्रकारिता से जुड़े मुद्दों की पृष्ठभूमि की स्वतंत्र समीक्षा की मांग की गई है।
एसोसिएशन ने बुलंद छत्तीसगढ़ के संपादक मनोज पांडे से जुड़े एक मामले का उल्लेख करते हुए कहा है कि जनसंपर्क कार्यालय में तोड़फोड़ के आरोप से संबंधित FIR की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि यह स्पष्ट किया जा सके कि आरोप उपलब्ध साक्ष्यों पर आधारित हैं या किसी पत्रकारिता संबंधी विवाद की पृष्ठभूमि भी इसमें थी।
ज्ञापन में भारत सम्मान के संपादक जितेंद्र जायसवाल द्वारा आदिवासी एवं गरीब वर्ग, भूमि संबंधी मामलों और पंकज टेक की कथित कस्टोडियल डेथ जैसे मुद्दों को उठाए जाने का उल्लेख है। दस्तावेज के अनुसार उनके खिलाफ वर्ष 2022 में कई FIR दर्ज हुई थीं और मामले न्यायालय में विचाराधीन हैं। एसोसिएशन ने इन मामलों की chronology और परिस्थितियों की स्वतंत्र समीक्षा की मांग की है।
आकांक्षा टोप्पो और अमित पांडे के मामलों का भी उल्लेख
ज्ञापन में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर आकांक्षा टोप्पो से जुड़े मामलों का उल्लेख करते हुए उनके खिलाफ दर्ज FIR तथा कथित धमकियों और सोशल मीडिया पर चलाए जा रहे व्यक्तिगत अभियानों की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है।
इसी तरह पत्रकार अमित पांडे से जुड़े मामले में SC/ST Act सहित विभिन्न धाराओं का उल्लेख दस्तावेज में किया गया है। एसोसिएशन ने इस मामले में भी उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर स्वतंत्र जांच की मांग रखी है।
अकील अहमद अंसारी प्रकरण का भी जिक्र
ज्ञापन में अकील अहमद अंसारी द्वारा भ्रष्टाचार और जनहित से जुड़े मामलों को सोशल मीडिया के माध्यम से उठाए जाने का उल्लेख किया गया है। दस्तावेज में अनुसूचित क्षेत्र में गरीब और आदिवासी लोगों से जुड़े मुद्दों को सार्वजनिक विमर्श में उठाने की बात भी कही गई है।
ज्ञापन के अनुसार, अनुपम वस्त्रालय प्रकरण में शिकायत के बाद जांच के दौरान तत्कालीन विवेचक प्रधान आरक्षक को निलंबित किए जाने तथा पीड़िता का पूरक कथन दर्ज कर विवेचना आगे बढ़ाने के निर्देश दिए जाने का उल्लेख है। इसके बाद अकील अहमद अंसारी, जितेंद्र जायसवाल, आकांक्षा टोप्पो और अन्य पत्रकारों/सोशल मीडिया एक्टिविस्टों के खिलाफ सोशल मीडिया पर व्यक्तिगत एवं चरित्र संबंधी आरोपों के प्रसार का भी दस्तावेज में उल्लेख किया गया है।
वायरल वीडियो की जगह मूल सामग्री की जांच पर जोर
एसोसिएशन ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रही कथित आधी-अधूरी वीडियो क्लिप को लेकर भी जांच की मांग की है। ज्ञापन में कहा गया है कि किसी पत्रकार या सोशल मीडिया एक्टिविस्ट के खिलाफ कार्रवाई केवल वायरल क्लिप के आधार पर नहीं होनी चाहिए।
इसके लिए मूल वीडियो और ऑडियो, पूरी रिकॉर्डिंग, एडिटेड या कट क्लिप की पहचान, पोस्ट की तारीख एवं स्रोत, संबंधित सोशल मीडिया अकाउंट, पोस्टिंग chronology, tagging, likes, shares, comments तथा समान सामग्री और पोस्टर सहित उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों की विधिसम्मत जांच कराने की मांग की गई है।
सोशल मीडिया गतिविधियों और संभावित संबंधों की जांच की मांग
ज्ञापन में स्पष्ट किया गया है कि एसोसिएशन किसी व्यक्ति या राजनीतिक दल को जांच से पहले दोषी घोषित नहीं कर रहा है। हालांकि, उसका कहना है कि यदि किसी पत्रकार के खिलाफ अलग-अलग मामलों में शिकायतें या FIR दर्ज होती हैं और इसी अवधि में सोशल मीडिया पर उसके खिलाफ व्यक्तिगत या चरित्र-हनन अभियान भी चलता है, तो इन घटनाओं के बीच संभावित संबंध की जांच की जानी चाहिए।
दस्तावेज में भाजपा जिला अध्यक्ष भारत सिंह सिसोदिया से संबंधित पूर्व FIR और सोशल मीडिया गतिविधियों का भी उल्लेख है तथा मांग की गई है कि वर्तमान घटनाक्रम की जांच में संबंधित तथ्यों को रिकॉर्ड पर लेकर समग्र रूप से देखा जाए।
सर्वआदिवासी समाज की शिकायत को भी जांच में शामिल करने की मांग
ज्ञापन के अनुसार, 21 सितंबर 2026 को सर्वआदिवासी समाज महिला प्रकोष्ठ की जिला अध्यक्ष सुनीता सोनहा ने पुलिस महानिरीक्षक, सरगुजा रेंज के समक्ष एक शिकायत प्रस्तुत की थी। एसोसिएशन ने इस शिकायत की प्रति और उस पर अब तक हुई कार्रवाई अथवा जांच रिपोर्ट को भी वर्तमान जांच का हिस्सा बनाने की मांग की है।
एसोसिएशन की 12 प्रमुख मांगें
एसोसिएशन ने ज्ञापन में कुल 12 प्रमुख मांगें रखी हैं। इनमें सभी संबंधित मामलों की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच, पत्रकारों और सोशल मीडिया एक्टिविस्टों के खिलाफ पूर्व FIR एवं शिकायतों की पृष्ठभूमि की समीक्षा, नई FIR से पहले मूल वीडियो-ऑडियो एवं अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच और आधी-अधूरी सोशल मीडिया क्लिप की मूल सामग्री से तुलना शामिल है।
इसके अलावा संबंधित सोशल मीडिया अकाउंट की गतिविधियों, tagging, likes, shares, comments, common content और posting chronology की विधिसम्मत जांच की मांग की गई है। यदि जांच में धमकी, धार्मिक या सामुदायिक वैमनस्य, हिंसा के लिए उकसाने, आपराधिक षड्यंत्र अथवा अन्य संज्ञेय अपराध के तत्व पाए जाते हैं तो लागू कानून के अनुसार कार्रवाई की मांग भी की गई है।
एसोसिएशन ने पत्रकारों और सोशल मीडिया एक्टिविस्टों की सुरक्षा के लिए प्रभावी राज्यस्तरीय व्यवस्था, परिवार/निजी जीवन/धर्म/चरित्र को निशाना बनाने संबंधी शिकायतों पर त्वरित जांच तथा जांच पूरी होने तक डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखने की मांग भी की है।
निष्पक्ष जांच पर एसोसिएशन का जोर
ज्ञापन के अंत में एसोसिएशन ने कहा है कि उसका उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष को दोषी ठहराना नहीं है। उसका कहना है कि पत्रकारिता के कारण किसी पत्रकार को प्रताड़ित नहीं किया जाना चाहिए, लेकिन यदि किसी पत्रकार के खिलाफ वास्तविक अपराध के पर्याप्त साक्ष्य हों तो कानून के अनुसार निष्पक्ष कार्रवाई होनी चाहिए।
एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री से पूरे मामले में गंभीरता से संज्ञान लेते हुए उच्चस्तरीय, निष्पक्ष और समयबद्ध जांच के आदेश देने तथा जांच की प्रगति से संबंधित पक्षों को अवगत कराने की व्यवस्था करने का अनुरोध किया है। ज्ञापन पर राहुल कुमार मिश्रा, प्रदेश अध्यक्ष, प्रेस एंड मीडिया वेलफेयर एसोसिएशन (छत्तीसगढ़ इकाई) के हस्ताक्षर हैं। दस्तावेज पर दिनांक 24 सितंबर 2026 और स्थान रायपुर, छत्तीसगढ़ दर्ज है।
महत्वपूर्ण: उपरोक्त समाचार में वर्णित FIR, धमकी, चरित्र-हनन, सोशल मीडिया अभियान और अन्य आरोप दस्तावेज में प्रस्तुत शिकायत/आरोपों के रूप में हैं। इन्हें स्वतंत्र रूप से सिद्ध तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया गया है।



📰 वर्ष 2022 से पत्रकारिता जगत में सक्रिय सोनू कुमार ने अपनी पहचान निर्भीक, निष्पक्ष और जनहित की पत्रकारिता से बनाई है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत समय घटति घटना दैनिक अख़बार से रायपुर जिला ब्यूरो चीफ के रूप में की। वर्ष 2023 में रायपुर पत्रिका दैनिक से जुड़ने के बाद
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