छत्तीसगढ़ में शराब दुकानों के अहाते बंद करने और आवासीय क्षेत्रों से दुकानों को हटाने की मांग

सोनू रेलवानी ने आबकारी मंत्री के नाम सौंपा शिकायत पत्र, प्रदेशभर में शराब दुकानों की समीक्षा की उठाई मांग

रायपुर। छत्तीसगढ़ में संचालित शराब दुकानों को लेकर जनहित से जुड़ा एक महत्वपूर्ण मुद्दा सामने आया है। शराब दुकानों के साथ संचालित अहातों को बंद करने तथा आवासीय एवं घनी आबादी वाले क्षेत्रों में संचालित शराब दुकानों को उपयुक्त व्यावसायिक परिसरों में स्थानांतरित करने की मांग की गई है।

प्रेस एंड मीडिया वेलफेयर एसोसिएशन छत्तीसगढ़ के प्रभारी सोनू रेलवानी ने इस संबंध में आबकारी मंत्री के नाम शिकायत पत्र सौंपकर प्रदेशभर में आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।

आवासीय क्षेत्रों में शराब दुकानों की समीक्षा की मांग

शिकायत पत्र के माध्यम से सोनू रेलवानी ने मांग की है कि छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में संचालित शराब दुकानों के साथ बने अहातों को बंद करने की दिशा में आवश्यक कदम उठाए जाएं। इसके साथ ही आवासीय और घनी आबादी वाले क्षेत्रों में संचालित शराब दुकानों की समीक्षा कर उन्हें उपयुक्त व्यावसायिक क्षेत्रों में स्थानांतरित किया जाए।

उनका कहना है कि शराब दुकानों के आसपास बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही होने से कई स्थानों पर स्थानीय रहवासियों को असुविधा का सामना करना पड़ता है। ऐसे में दुकानों के स्थान और उनके आसपास की व्यवस्थाओं को जनहित के दृष्टिकोण से देखा जाना आवश्यक है।

भीड़, शोर-शराबे और पार्किंग की समस्या का उठाया मुद्दा

शिकायत में शराब दुकानों के आसपास होने वाली भीड़, शोर-शराबे, अव्यवस्थित पार्किंग और सार्वजनिक स्थानों पर शराब सेवन जैसी स्थितियों का उल्लेख किया गया है।

सोनू रेलवानी के अनुसार ऐसी परिस्थितियों का प्रभाव आसपास रहने वाले परिवारों के साथ-साथ महिलाओं, बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों पर भी पड़ सकता है। उन्होंने सार्वजनिक व्यवस्था और शांतिपूर्ण आवासीय वातावरण को ध्यान में रखते हुए इस विषय पर गंभीरता से विचार करने का आग्रह किया है।

स्कूल-कॉलेज और संवेदनशील स्थानों के आसपास दुकानों की समीक्षा

शिकायत पत्र में विद्यालयों, महाविद्यालयों, धार्मिक स्थलों, अस्पतालों तथा अन्य संवेदनशील स्थानों के आसपास संचालित शराब दुकानों की भी नियमानुसार समीक्षा करने की मांग की गई है।

इसके साथ ही मांग की गई है कि प्रदेश के सभी जिलों के आबकारी अधिकारियों को इस संबंध में एक समान नीति के तहत आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएं, ताकि अलग-अलग क्षेत्रों में नियमों के अनुपालन को लेकर एकरूपता बनी रहे।

पूरे छत्तीसगढ़ से जुड़ा बताया मुद्दा

सोनू रेलवानी ने कहा कि यह मांग किसी एक शहर या जिले तक सीमित नहीं है। उनके अनुसार यह विषय प्रदेश के अलग-अलग जिलों में रहने वाले नागरिकों की सुविधा, सार्वजनिक व्यवस्था और आवासीय क्षेत्रों की शांति से जुड़ा हुआ है।

उन्होंने शासन से आग्रह किया कि प्रदेश में संचालित शराब दुकानों के स्थान और उनसे जुड़ी व्यवस्थाओं की आवश्यक समीक्षा की जाए तथा जहां जनहित प्रभावित हो रहा हो, वहां नियमानुसार उचित कार्रवाई की जाए।

शासन से आवश्यक कार्रवाई की उम्मीद

शिकायत पत्र सौंपने के बाद सोनू रेलवानी ने उम्मीद जताई कि राज्य सरकार इस विषय को गंभीरता से लेते हुए प्रदेशभर में आवश्यक कदम उठाएगी।

उन्होंने जनहित, सामाजिक सुरक्षा और शांतिपूर्ण वातावरण को ध्यान में रखते हुए शराब दुकानों के अहातों तथा आवासीय क्षेत्रों में संचालित दुकानों को लेकर उचित निर्णय लेने का आग्रह किया है।

Bharat36National के लिए मुख्य बिंदु

  • शराब दुकानों के साथ बने अहातों को बंद करने की मांग।
  • आवासीय एवं घनी आबादी वाले क्षेत्रों से शराब दुकानों को हटाने की मांग।
  • दुकानों को उपयुक्त व्यावसायिक परिसरों में स्थानांतरित करने का आग्रह।
  • स्कूल, कॉलेज, अस्पताल और धार्मिक स्थलों के आसपास दुकानों की समीक्षा की मांग।
  • सभी जिलों के आबकारी अधिकारियों के लिए एक समान दिशा-निर्देश जारी करने का अनुरोध।
  • सार्वजनिक व्यवस्था, स्थानीय निवासियों की सुविधा और आवासीय क्षेत्रों की शांति को मुद्दे के केंद्र में रखा गया।

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