रायपुर में ड्रंक एंड ड्राइव के खिलाफ यातायात पुलिस का बड़ा अभियान, एक रात में 80 वाहन चालकों पर कार्रवाई

09 प्रमुख चौराहों पर देर रात चला विशेष चेकिंग अभियान, 48 चालक शराब के नशे में मिले; 2026 में अब तक ड्रंक एंड ड्राइव के 4,039 मामलों में कार्रवाई

रायपुर। राजधानी रायपुर में सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और यातायात व्यवस्था को सुरक्षित एवं सुगम बनाने के लिए यातायात पुलिस ने ड्रंक एंड ड्राइव के खिलाफ सख्त अभियान चलाया। पुलिस कमिश्नरेट रायपुर की यातायात पुलिस ने 04 अक्टूबर 2026 की दरमियानी रात शहर के 09 प्रमुख संवेदनशील चौक-चौराहों और मार्गों पर विशेष रात्रि चेकिंग अभियान चलाया।

अभियान के दौरान ब्रीथ एनालाइज़र से वाहन चालकों की जांच की गई। जांच में 48 वाहन चालक शराब के नशे में वाहन चलाते हुए पाए गए। इनके खिलाफ नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई। वहीं, यातायात नियमों के अन्य उल्लंघनों के मामले में 32 वाहन चालकों पर चालानी कार्रवाई की गई।

इस तरह एक ही रात में यातायात पुलिस ने कुल 80 वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई की।

09 संवेदनशील चौराहों पर विशेष चेकिंग

यातायात पुलिस द्वारा चलाया गया यह विशेष अभियान शहर के उन प्रमुख स्थानों पर केंद्रित रहा, जहां रात्रि के समय वाहनों की आवाजाही अधिक रहती है और सड़क सुरक्षा की दृष्टि से विशेष निगरानी की आवश्यकता होती है।

पुलिस टीमों ने जांच के दौरान वाहन चालकों को रोककर दस्तावेजों और यातायात नियमों का परीक्षण किया। शराब के सेवन की आशंका होने पर ब्रीथ एनालाइज़र के माध्यम से जांच की गई।

किस तरह के वाहनों पर हुई कार्रवाई?

एक रात में की गई कार्रवाई में अलग-अलग श्रेणियों के वाहनों को शामिल किया गया। यातायात पुलिस के अनुसार कार्रवाई किए गए वाहनों में—

  • 36 दोपहिया वाहन
  • 34 चारपहिया कार
  • 08 ट्रक/टैंकर
  • 01 बस
  • 01 पिकअप वाहन (टाटा एस)

शामिल हैं।

आंकड़ों से स्पष्ट है कि कार्रवाई केवल दोपहिया वाहन चालकों तक सीमित नहीं रही, बल्कि कार, भारी वाहन, बस और पिकअप जैसे विभिन्न प्रकार के वाहनों की भी जांच की गई।

2026 में अब तक 4,039 ड्रंक एंड ड्राइव मामले

रायपुर यातायात पुलिस के अनुसार वर्ष 2026 में अब तक ड्रंक एंड ड्राइव के कुल 4,039 मामलों में वैधानिक कार्रवाई दर्ज की जा चुकी है। यह आंकड़ा बताता है कि शराब के नशे में वाहन चलाने के मामलों को लेकर यातायात पुलिस लगातार सख्ती बरत रही है।

पुलिस का कहना है कि शराब पीकर वाहन चलाना केवल संबंधित चालक के लिए ही नहीं, बल्कि सड़क पर चलने वाले अन्य वाहन चालकों, पैदल यात्रियों और आम नागरिकों के लिए भी गंभीर खतरा पैदा करता है।

नशे में ड्राइविंग से क्यों बढ़ता है हादसे का खतरा?

शराब का सेवन करने के बाद वाहन चलाने से चालक की निर्णय लेने की क्षमता प्रभावित होती है। इसके साथ ही प्रतिक्रिया देने की गति यानी रिफ्लेक्स धीमे हो सकते हैं और सड़क पर अचानक सामने आने वाली परिस्थितियों का सही आकलन करने में परेशानी हो सकती है।

रात के समय तेज गति, कम दृश्यता और शराब के नशे का संयोजन सड़क दुर्घटना के जोखिम को और बढ़ा सकता है। इसी वजह से यातायात पुलिस द्वारा ड्रंक एंड ड्राइव के खिलाफ नियमित रूप से जांच अभियान चलाया जा रहा है।

यातायात पुलिस की नागरिकों से अपील

डीसीपी ट्रैफिक एवं प्रोटोकॉल डॉ. अर्चना झा ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपनी और सड़क पर चलने वाले अन्य लोगों की सुरक्षा के प्रति जिम्मेदार बनें।

उन्होंने कहा कि शराब का सेवन करने की स्थिति में किसी भी परिस्थिति में वाहन न चलाएं। यदि शराब का सेवन किया है तो घर लौटने के लिए कैब, ऑटो या किसी अन्य सुरक्षित परिवहन साधन का उपयोग करें।

यातायात पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सड़क सुरक्षा को लेकर यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

सड़क सुरक्षा का संदेश

यातायात पुलिस ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा है—

“सड़क सुरक्षा, जीवन रक्षा। शराब पीकर वाहन न चलाएं, सुरक्षित रहें और दूसरों को भी सुरक्षित रखें।”

रायपुर यातायात पुलिस का संदेश स्पष्ट है कि सड़क पर सुरक्षित सफर केवल यातायात पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक वाहन चालक की सामूहिक जिम्मेदारी है। शराब का सेवन करने के बाद वाहन न चलाकर एक जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभाई जा सकती है और संभावित सड़क हादसे को रोका जा सकता है।

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