UPDATE: 1 जून की खबर के बाद नया मोड़, मुख्यमंत्री को सौंपा गया विस्तृत ज्ञापन; संजीव तिवारी के खिलाफ SIT-CBI जांच की मांग

addtext 06 05 10.17.03

दुर्ग | भारत36नेशनल | 4 जून 2026

1 जून को भारत36नेशनल द्वारा प्रकाशित खबर में जनसंपर्क विभाग से जुड़े विवाद और विभिन्न शिकायतों का मुद्दा सामने आया था। अब इस मामले में नया घटनाक्रम सामने आया है। प्रेस एंड मीडिया वेलफेयर एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री के नाम एक विस्तृत ज्ञापन सौंपते हुए जनसंपर्क विभाग के अपर संचालक संजीव तिवारी के खिलाफ लगाए गए आरोपों की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।

ज्ञापन में विज्ञापन वितरण प्रक्रिया, कथित वित्तीय अनियमितताओं, पत्रकारों से जुड़े मामलों, संपत्तियों की जांच तथा विभागीय कार्यप्रणाली को लेकर कई गंभीर प्रश्न उठाए गए हैं। संगठन ने मांग की है कि मामले की जांच राज्य स्तरीय विशेष जांच दल (SIT), आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) तथा आवश्यकता पड़ने पर केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से कराई जाए।

1 जून की खबर के बाद बढ़ी कार्रवाई की मांग

गौरतलब है कि 1 जून को प्रकाशित खबर में पत्रकारों और मीडिया संस्थानों द्वारा उठाए जा रहे विभिन्न मुद्दों को प्रमुखता से सामने लाया गया था। उसी क्रम में अब प्रेस एंड मीडिया वेलफेयर एसोसिएशन ने औपचारिक रूप से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर जांच की मांग उठाई है।

ज्ञापन में क्या-क्या मांगें की गईं?

ज्ञापन में संगठन ने मांग की है कि—

  • विज्ञापन वितरण प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
  • कथित कमीशनखोरी संबंधी शिकायतों की जांच हो।
  • विभाग में कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच की जाए।
  • पत्रकारों द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र जांच हो।
  • संजीव तिवारी एवं उनके परिवार की चल-अचल संपत्तियों और आय स्रोतों का सत्यापन कराया जाए।
  • लंबे समय से महत्वपूर्ण पदों पर पदस्थापना के संबंध में प्रशासनिक नियमों के पालन की जांच की जाए।

जांच पूरी होने तक पद से हटाने की मांग

संगठन ने ज्ञापन में यह भी मांग की है कि जांच की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए संजीव तिवारी को जांच पूर्ण होने तक वर्तमान पद से हटाया जाए अथवा अन्यत्र स्थानांतरित किया जाए।

अभय शाह प्रकरण का भी उल्लेख

ज्ञापन में समाचार पत्र वितरक अभय शाह से जुड़े मामले का उल्लेख करते हुए स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। साथ ही संबंधित पक्षों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी मांग रखी गई है।

शासन की प्रतिक्रिया का इंतजार

फिलहाल इस ज्ञापन पर राज्य शासन अथवा जनसंपर्क विभाग की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं संजीव तिवारी की ओर से भी इन आरोपों पर कोई सार्वजनिक बयान जारी नहीं किया गया है।

भारत36नेशनल इस मामले से जुड़े प्रत्येक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है। जैसे ही शासन या संबंधित पक्ष की आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त होगी, उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

(यह समाचार प्रेस एंड मीडिया वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा मुख्यमंत्री को सौंपे गए ज्ञापन पर आधारित है। ज्ञापन में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और न ही किसी सक्षम जांच एजेंसी अथवा न्यायालय द्वारा उनकी पुष्टि की गई है।)

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *