अस्पतालों में मरीजों को बेहतर सुविधाएं देने पर जोर: जीवनदीप समिति की बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मिली मंजूरी

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कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने की समीक्षा, अस्पतालों के विकास और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार को लेकर लिए गए अहम निर्णय

रायपुर, 03 जून 2026 | भारत36नेशनल डेस्क

रायपुर जिले के शासकीय अस्पतालों में स्वास्थ्य सुविधाओं को और अधिक सुदृढ़ एवं मरीज-केंद्रित बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह की अध्यक्षता में जीवनदीप समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला चिकित्सालय रायपुर, जिला चिकित्सालय पंडरी तथा मातृ एवं शिशु चिकित्सालय कालीबाड़ी से संबंधित विभिन्न विकास कार्यों, अधोसंरचना विस्तार, चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता और प्रशासनिक प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा करते हुए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

बैठक के दौरान वर्ष 2025-26 के आय-व्यय का ब्यौरा प्रस्तुत किया गया। इसके साथ ही अस्पतालों के स्टोर, पैथोलॉजी लैब और रेडियोलॉजी विभाग में उपयोग होने वाली आवश्यक दवाइयों, रिएजेंट्स, कम्प्यूटेबल्स, एक्स-रे फिल्मों तथा कंप्यूटर प्रिंटरों की मरम्मत एवं टोनर रिफिलिंग से संबंधित भुगतान प्रस्तावों को समिति के समक्ष रखा गया।

विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति पर चर्चा

मातृ एवं शिशु चिकित्सालय कालीबाड़ी में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए शिशु रोग विशेषज्ञ, चिकित्सा अधिकारियों और सर्जरी विशेषज्ञों की नियुक्ति संबंधी प्रस्तावों पर गंभीरता से विचार-विमर्श किया गया। समिति ने अस्पताल में विशेषज्ञ सेवाओं की उपलब्धता बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

नेत्र विभाग को मिलेगा नया ऑटो-रिफ्रेक्टोमीटर

बैठक में नेत्र रोग विभाग के लिए एक नए ऑटो-रिफ्रेक्टोमीटर की आवश्यकता को स्वीकृति प्रदान की गई। इससे आंखों की जांच और मरीजों के उपचार में सुविधा मिलेगी तथा विभाग की कार्यक्षमता में वृद्धि होगी।

अस्पतालों में लगाए जाएंगे 10 नए वाटर कूलर

मरीजों और उनके परिजनों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए जिला चिकित्सालय पंडरी एवं मातृ एवं शिशु चिकित्सालय कालीबाड़ी के लिए 10 नए वाटर कूलर उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया। साथ ही जिला चिकित्सालय रायपुर में स्थापित ऑक्सीजन प्लांट की मरम्मत और अस्पताल परिसर में स्थापित लिफ्टों की मरम्मत एवं वार्षिक अनुरक्षण (AMC) से संबंधित प्रस्तावों को भी स्वीकृति मिली।

दो नई अल्ट्रासाउंड मशीनों की खरीदी का प्रस्ताव

बैठक में जिला चिकित्सालय रायपुर में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए दो नई अल्ट्रासोनोग्राफी (USG) मशीनों की खरीदी पर चर्चा की गई। इसके अलावा राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (NQAS) की तैयारी के लिए आवश्यक IEC सामग्री एवं स्टेशनरी की व्यवस्था तथा ई-ऑफिस संचालन को बेहतर बनाने के लिए नए कंप्यूटर सिस्टम उपलब्ध कराने के प्रस्ताव भी रखे गए।

200 बिस्तरीय मातृ एवं शिशु अस्पताल के लिए भूमि चिन्हांकन

स्वास्थ्य अधोसंरचना के विस्तार की दिशा में बैठक में 200 बिस्तरीय मातृ एवं शिशु अस्पताल के निर्माण के लिए भूमि चिन्हांकन संबंधी विषय पर भी चर्चा की गई। इसके अलावा पीजी विद्यार्थियों के लिए ट्रांजिट हॉस्टल निर्माण, वाहन चालकों की नियुक्ति तथा विभिन्न मरम्मत कार्यों को लेकर आवश्यक निर्णय लिए गए।

मॉड्यूलर किचन और फायर एनओसी की समीक्षा

बैठक के दौरान लोक निर्माण विभाग द्वारा निर्माणाधीन मॉड्यूलर किचन की प्रगति की समीक्षा की गई। वहीं जिला चिकित्सालय पंडरी के फायर एनओसी से जुड़े मामलों पर भी विस्तार से चर्चा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश

कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने सभी स्वीकृत कार्यों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में मरीजों को गुणवत्तापूर्ण और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए आवश्यक उपकरणों, संसाधनों और सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए ताकि मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. मिथिलेश चौधरी सहित जीवनदीप समिति के सदस्य एवं विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।


भारत36नेशनल विशेष

जीवनदीप समिति की इस बैठक में लिए गए निर्णयों से रायपुर जिले के प्रमुख शासकीय अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं के स्तर में सुधार होने की उम्मीद है। नए चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता, अधोसंरचना विकास, विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति और मरीज सुविधाओं के विस्तार से आम नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त होंगी।

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