छत्तीसगढ़ में ग्रामीण विकास को मिलेगी नई गति: PMGSY फेस-4 के तहत बिना सड़क वाली सभी बसाहटों को जोड़ा जाएगा

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मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक, गुणवत्ता और समयबद्धता पर विशेष जोर

रायपुर, 16 जून 2026 | भारत36 नेशनल डेस्क

छत्तीसगढ़ सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत संरचना को मजबूत करने और अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने के लक्ष्य के साथ प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) को नई गति देने जा रही है। इसी दिशा में मंगलवार को मंत्रालय महानदी भवन में मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की राज्य स्तरीय स्थायी समिति की 28वीं बैठक आयोजित की गई।

बैठक में ग्रामीण सड़क निर्माण की प्रगति, आगामी योजनाओं, लंबित परियोजनाओं तथा दूरस्थ और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सड़क संपर्क विस्तार को लेकर व्यापक समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सड़क निर्माण कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

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निर्माण से पहले होगा व्यापक सर्वे, सभी मंजूरियां पहले लेना अनिवार्य

मुख्य सचिव ने कहा कि भविष्य में किसी भी सड़क परियोजना को शुरू करने से पहले संबंधित क्षेत्र का विस्तृत भौतिक सर्वेक्षण कराया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि भूमि अधिग्रहण, वन भूमि हस्तांतरण, फॉरेस्ट क्लीयरेंस और अन्य प्रशासनिक स्वीकृतियां पहले ही पूरी कर ली जाएं ताकि निर्माण कार्य के दौरान किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।

उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि परियोजनाओं में अनावश्यक विलंब स्वीकार नहीं किया जाएगा और सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें।


जल जीवन मिशन से क्षतिग्रस्त सड़कों की होगी प्राथमिकता से मरम्मत

बैठक में यह भी सामने आया कि कई ग्रामीण क्षेत्रों में जल जीवन मिशन के तहत पाइपलाइन बिछाने के दौरान सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं। मुख्य सचिव ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि ऐसी सभी सड़कों की सूची तैयार कर प्राथमिकता के आधार पर मरम्मत एवं पुनर्निर्माण कार्य शीघ्र पूरा किया जाए ताकि ग्रामीणों को आवागमन में किसी प्रकार की परेशानी न हो।


PMGSY फेस-4 का बड़ा लक्ष्य: हर बसाहट तक पहुंचेगी सड़क

बैठक का सबसे महत्वपूर्ण निर्णय प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के चौथे चरण (PMGSY Phase-IV) को लेकर लिया गया।

मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य में ऐसी सभी बसाहटों का सर्वे किया जाए जहां आज भी पक्की सड़क नहीं पहुंची है। इन सभी बसाहटों को चिन्हित कर एक व्यापक कार्ययोजना तैयार की जाएगी और उन्हें मुख्य सड़क नेटवर्क से जोड़ा जाएगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय ग्रामीण अर्थव्यवस्था, कृषि विपणन, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और रोजगार के अवसरों को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।


8,358 ग्रामीण सड़कें और 447 पुल-पुलियों का निर्माण पूरा

बैठक में प्रस्तुत प्रगति प्रतिवेदन के अनुसार छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के पहले तीन चरणों के तहत अब तक:

प्रमुख उपलब्धियां

  • 8,358 ग्रामीण सड़कों का निर्माण पूर्ण
  • 447 पुल एवं पुलियों का निर्माण पूर्ण
  • हजारों गांवों को सर्वकालिक सड़क संपर्क उपलब्ध
  • ग्रामीण परिवहन और बाजार पहुंच में उल्लेखनीय सुधार

इन परियोजनाओं से लाखों ग्रामीणों को सीधा लाभ मिला है और अनेक दूरस्थ क्षेत्रों का संपर्क जिला एवं राज्य मुख्यालयों से मजबूत हुआ है।


बस्तर में नक्सल चुनौती के बीच बड़ी सफलता

छत्तीसगढ़ सरकार ने बस्तर संभाग के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में भी सड़क निर्माण कार्यों को उल्लेखनीय सफलता के साथ आगे बढ़ाया है।

वर्ष 2025-26 के दौरान सुरक्षा बलों और प्रशासन के संयुक्त प्रयासों से:

  • 52 लंबित ग्रामीण सड़कों का निर्माण पूरा किया गया।
  • PMGSY फेस-3 के अंतर्गत 31 बड़े पुलों का निर्माण पूर्ण हुआ।

इन परियोजनाओं से न केवल विकास को गति मिलेगी बल्कि सुरक्षा बलों की पहुंच और आपातकालीन सेवाओं की उपलब्धता भी बेहतर होगी।


PM JANMAN योजना में लक्ष्य से अधिक उपलब्धि

प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (PM JANMAN) के अंतर्गत भी छत्तीसगढ़ ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है।

उपलब्धियां

  • केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित लक्ष्य: 1,372 किलोमीटर
  • वास्तविक निर्माण: 1,517 किलोमीटर

यानी राज्य ने निर्धारित लक्ष्य से अधिक सड़क निर्माण कर नई उपलब्धि हासिल की है।


PVTG बसाहटों तक पहुंच रहा विकास

विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (PVTG) समुदायों के विकास को प्राथमिकता देते हुए स्वीकृत परियोजनाओं में तेजी से कार्य किया जा रहा है।

वर्तमान स्थिति

  • 872 बसाहटों के लिए सड़क संपर्क स्वीकृत
  • 807 सड़क परियोजनाएं स्वीकृत
  • 366 सड़कें पूर्ण
  • 429 सड़कों पर निर्माण कार्य जारी

इन परियोजनाओं से आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसरों तक पहुंच और बेहतर होगी।


बैठक में वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी

बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव ऋचा शर्मा, गृह विभाग की प्रमुख सचिव निहारिका बारिक सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव एवं खनिज सचिव पी. दयानंद, आवास एवं पर्यावरण सचिव अंकित आनंद, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी सचिव अब्दुल कैसर अब्दुल हक, छत्तीसगढ़ ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण के सीईओ भीम सिंह सहित वन, परिवहन, लोक निर्माण, वित्त विभाग और राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।


भारत36 नेशनल विश्लेषण

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के चौथे चरण के माध्यम से छत्तीसगढ़ सरकार ग्रामीण संपर्क व्यवस्था को एक नए स्तर पर ले जाने की तैयारी कर रही है। यदि सभी बिना सड़क वाली बसाहटों को मुख्य मार्गों से जोड़ने की योजना सफलतापूर्वक लागू होती है तो यह ग्रामीण विकास, सामाजिक समावेशन और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में राज्य के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि साबित होगी। विशेषकर बस्तर और जनजातीय क्षेत्रों में सड़क नेटवर्क का विस्तार विकास और सुरक्षा दोनों दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

रिपोर्ट: भारत36 नेशनल ब्यूरो
स्थान: रायपुर, छत्तीसगढ़
कैटेगरी: विकास | ग्रामीण भारत | इंफ्रास्ट्रक्चर | छत्तीसगढ़

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