11 लाख प्रधानमंत्री आवास पूर्ण: छत्तीसगढ़ ने बनाया नया रिकॉर्ड, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने हितग्राहियों को सौंपी नए घरों की चाबी

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रायपुर | भारत36नेशनल

छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के क्रियान्वयन में राज्य ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए सरकार गठन के बाद 11 लाख से अधिक प्रधानमंत्री आवासों का निर्माण पूर्ण कर लिया है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के अवसर पर रायपुर स्थित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित भव्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 11 हितग्राहियों को उनके नए आवास की प्रतीकात्मक चाबी सौंपकर सम्मानित किया। इसी दौरान उन्होंने ‘मोर गांव–मोर पानी’ महाअभियान के उत्कृष्ट कार्यों पर आधारित कॉम्पेंडियम का भी विमोचन किया।

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सरकार के पहले फैसले का बड़ा परिणाम

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार ने सत्ता संभालते ही अपनी पहली कैबिनेट बैठक में 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों के लिए राशि जारी करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया था। उसी निर्णय का परिणाम है कि पिछले ढाई वर्षों में प्रदेश में 11 लाख से अधिक आवासों का निर्माण पूरा हो चुका है।

उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल मकान बनाना नहीं, बल्कि गरीब परिवारों को सम्मानजनक जीवन, सुरक्षा और बेहतर भविष्य उपलब्ध कराना है।

एक साल में देश में सबसे ज्यादा आवास पूर्ण

कार्यक्रम में साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 में अकेले करीब 6 लाख प्रधानमंत्री आवासों का निर्माण पूरा किया गया, जो एक वर्ष में देश के किसी भी राज्य द्वारा पूर्ण किए गए आवासों की सबसे बड़ी संख्या है।

वहीं 1 अप्रैल से 9 जुलाई 2026 तक, यानी वर्तमान वित्तीय वर्ष के पहले 100 दिनों में ही 1 लाख 51 हजार आवास पूर्ण किए जा चुके हैं। इसका मतलब है कि प्रदेश में प्रतिदिन औसतन 1,500 से अधिक आवासों का निर्माण पूरा हो रहा है, जो योजना के प्रभावी क्रियान्वयन का प्रमाण माना जा रहा है।

‘मोर गांव–मोर पानी’ अभियान की भी बड़ी उपलब्धि

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने ‘मोर गांव–मोर पानी’ महाअभियान के उत्कृष्ट कार्यों पर आधारित कॉम्पेंडियम का विमोचन भी किया।

गौरतलब है कि यह अभियान 24 अप्रैल 2025 को पंचायती राज दिवस के अवसर पर शुरू किया गया था। जनभागीदारी आधारित इस अभियान के तहत महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) और वीबी-जीरामजी के माध्यम से 2,000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से एक लाख से अधिक जल संरक्षण एवं जल संवर्धन कार्य स्वीकृत एवं क्रियान्वित किए जा रहे हैं।

अभियान के अंतर्गत आजीविका डबरी, नवा तरिया, कंटूर ट्रेंच, जल संरचनाओं का निर्माण, भूजल संवर्धन तथा ग्रामीण आजीविका को मजबूत करने जैसे अनेक कार्य किए जा रहे हैं। इससे जल संकट कम होने के साथ-साथ किसानों और ग्रामीण परिवारों को स्थायी लाभ मिलने की उम्मीद है।

जनभागीदारी से गांवों के विकास पर जोर

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि जल संरक्षण और ग्रामीण विकास के लिए जनभागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है। ‘मोर गांव–मोर पानी’ अभियान गांवों में प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, जल उपलब्धता बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में प्रभावी पहल साबित हो रहा है।

कार्यक्रम में रहे मौजूद

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष नवीन कुमार अग्रवाल, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव ऋचा शर्मा, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के संचालक तारन प्रकाश सिन्हा सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में हितग्राही उपस्थित रहे।

मुख्य बिंदु

  • सरकार गठन के बाद 11 लाख से अधिक प्रधानमंत्री आवास पूर्ण
  • मुख्यमंत्री ने 11 हितग्राहियों को नए आवास की प्रतीकात्मक चाबी सौंपी।
  • 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों के लिए पहली कैबिनेट में राशि जारी करने का निर्णय।
  • पिछले वित्तीय वर्ष में करीब 6 लाख आवास पूर्ण, देश में सर्वाधिक।
  • वर्तमान वित्तीय वर्ष के पहले 100 दिनों में 1.51 लाख आवास पूर्ण।
  • प्रतिदिन 1,500 से अधिक आवास पूर्ण होने का औसत।
  • ‘मोर गांव–मोर पानी’ अभियान के कॉम्पेंडियम का विमोचन।
  • 2,000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से 1 लाख से अधिक जल संरक्षण कार्य स्वीकृत एवं क्रियान्वित।

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