भौतिक प्रगति के साथ संस्कृति और मानवीय मूल्यों का संरक्षण ही सच्चा विकास: मंत्री टंकराम वर्मा

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बिल्हा के ग्राम कड़ार में 20 लाख रुपये के सामुदायिक भवन का भूमिपूजन

बिलासपुर/रायपुर, 16 अगस्त 2026। बिलासपुर जिले के बिल्हा विकासखंड अंतर्गत ग्राम कड़ार में 20 लाख रुपये की लागत से बनने वाले सामुदायिक भवन का भूमिपूजन प्रदेश के राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने किया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने विकास के साथ-साथ छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति, परंपराओं, पारिवारिक मूल्यों और सामाजिक सरोकारों को संरक्षित रखने की आवश्यकता पर जोर दिया।

मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि केवल भौतिक सुविधाओं का विस्तार ही विकास का मापदंड नहीं हो सकता। सच्चा और सार्थक विकास वही है, जिसमें समाज आगे बढ़ने के साथ अपनी संस्कृति, परंपरा, संस्कार और मानवीय मूल्यों को भी सुरक्षित रखे। उन्होंने कहा कि आधुनिकता और आर्थिक प्रगति के साथ परिवार एवं समाज में आपसी प्रेम, भाईचारा, संवेदनशीलता और सहयोग की भावना को मजबूत बनाए रखना जरूरी है।

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सत्कर्मों से समाज निर्माण करने वाले लोग ही बनते हैं अमर

समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री श्री वर्मा ने डॉ. खूबचंद बघेल और स्वामी आत्मानंद महाराज जैसी महान विभूतियों के योगदान को स्मरण किया। उन्होंने कहा कि दुनिया में लाखों लोग जन्म लेते हैं, लेकिन इतिहास में वही लोग अमर होते हैं, जिन्होंने अपने सत्कर्मों के माध्यम से समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

उन्होंने कहा कि महान व्यक्तित्वों का जीवन समाज के लिए प्रेरणास्रोत होता है। उनके विचार और कार्य आने वाली पीढ़ियों को दिशा देने का काम करते हैं। इसलिए हमें भी अपने सामाजिक दायित्वों का निर्वहन करते हुए समाज और प्रदेश के विकास में योगदान देना चाहिए।

20 लाख रुपये की लागत से बनेगा सामुदायिक भवन

ग्राम कड़ार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मंत्री श्री वर्मा ने 20 लाख रुपये की लागत से बनने वाले सामुदायिक भवन का विधिवत भूमिपूजन किया। सामुदायिक भवन के निर्माण से ग्रामीणों को विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक एवं सार्वजनिक आयोजनों के लिए बेहतर सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।

उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सामुदायिक भवन जैसी अधोसंरचनाएं सामाजिक एकजुटता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। ऐसे स्थान गांव के लोगों को सामूहिक कार्यक्रमों, बैठकों और सामाजिक गतिविधियों के लिए सुविधाजनक मंच उपलब्ध कराते हैं।

छत्तीसगढ़ निर्माण के बाद विकास को मिली नई दिशा

मंत्री श्री वर्मा ने पृथक छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माण की पृष्ठभूमि का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य निर्माण का सपना लंबे समय से देखा जा रहा था। निरंतर प्रयासों के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में वर्ष 2000 में छत्तीसगढ़ राज्य का गठन हुआ।

उन्होंने कहा कि राज्य निर्माण के बाद छत्तीसगढ़ ने विकास के विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण प्रगति की है। सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और अधोसंरचना के क्षेत्र में लगातार काम हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की खनिज संपदा और राजस्व का उपयोग अब राज्य के विकास एवं जनकल्याण के लिए किया जा रहा है।

गांवों में बदली जीवनशैली, बढ़ी सुविधाएं और क्रय शक्ति

मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ का समाज पहले मुख्य रूप से कृषि आधारित था, लेकिन अब व्यवसाय, व्यापार, रोजगार और अन्य क्षेत्रों में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। लोगों के जीवन स्तर में बदलाव आया है और ग्रामीण क्षेत्रों में भी आधुनिक सुविधाओं की पहुंच बढ़ी है।

उन्होंने कहा कि जिन परिवारों के पास कभी साइकिल तक उपलब्ध नहीं थी, आज उनके सदस्य दोपहिया और चारपहिया वाहनों के साथ हवाई यात्रा तक कर रहे हैं। गांवों के आसपास स्कूल, हायर सेकेंडरी विद्यालय और स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता बढ़ी है। इससे लोगों की क्रय शक्ति और जीवन की सुविधाओं में भी वृद्धि हुई है।

आधुनिकता के साथ संस्कारों को बचाना जरूरी

मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि भौतिक प्रगति के साथ सामाजिक और सांस्कृतिक मूल्यों का संरक्षण भी उतना ही महत्वपूर्ण है। आधुनिक जीवनशैली के प्रभाव से गांव और परिवारों में पारस्परिक प्रेम तथा पारिवारिक मर्यादाओं में बदलाव देखने को मिल रहा है।

उन्होंने कहा कि हमें आधुनिकता को अपनाते हुए अपनी प्राचीन संस्कृति, परंपरा और संस्कारों को नहीं भूलना चाहिए। संस्कारों के बिना जीवन अधूरा है। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से आह्वान किया कि ऐसा वातावरण बनाया जाए, जिसमें आपसी प्रेम, भाईचारा, संवेदनशीलता और एक-दूसरे के सुख-दुख में साथ खड़े होने की भावना सदैव कायम रहे।

वरिष्ठ नेताओं के अनुभव और मार्गदर्शन से मिलती है प्रेरणा: धरमलाल कौशिक

कार्यक्रम में उपस्थित पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं विधायक श्री धरमलाल कौशिक ने भी संबोधित किया। उन्होंने वरिष्ठ नेताओं के अनुभव और मार्गदर्शन को समाज एवं संगठन के लिए महत्वपूर्ण बताया।

उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नेताओं का जीवन अनुभवों से समृद्ध होता है। उनके अनुभवों से सीखकर, उन्हें समझकर और उनके कार्यों का अध्ययन कर संगठन तथा समाज सेवा के क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है।

श्री कौशिक ने कहा कि पृथक छत्तीसगढ़ राज्य के गठन के बाद प्रदेश ने विकास की नई ऊंचाइयों को छुआ है। दूर-दराज के क्षेत्रों तक सड़क, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य सहित बुनियादी सुविधाओं की पहुंच बढ़ने से आम नागरिक का जीवन पहले की तुलना में अधिक सुगम हुआ है।

जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की रही मौजूदगी

ग्राम कड़ार में आयोजित भूमिपूजन समारोह में क्रेडा अध्यक्ष श्री भूपेंद्र सवन्नी, सरपंच श्री ब्रजेश दुबे, जनप्रतिनिधिगण, वरिष्ठ नागरिकों सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों में सामुदायिक भवन के निर्माण को लेकर उत्साह देखने को मिला।

सामुदायिक भवन का निर्माण पूरा होने के बाद ग्राम कड़ार के लोगों को सामाजिक एवं सार्वजनिक आयोजनों के लिए एक उपयोगी सुविधा प्राप्त होगी। कार्यक्रम में विकास के साथ सामाजिक मूल्यों को मजबूत बनाए रखने और ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार की दिशा में निरंतर प्रयास करने का संदेश दिया गया।

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