15 अगस्त और वीकेंड के अवसर पर पुलिस ने चलाया विशेष जनजागरूकता कार्यक्रम; “जागरूकता की एक Selfie” और “संवाद से समाधान” बना आकर्षण का केंद्र
रायपुर, 16 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा आम नागरिकों को बढ़ते साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे “साइबर जागृति अभियान” के तहत पुलिस कमिश्नरेट रायपुर के नॉर्थ जोन द्वारा अंबुजा मॉल, मोवा में दो दिवसीय विशेष साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। 15 और 16 अगस्त को आयोजित इस अभियान में स्वतंत्रता दिवस और वीकेंड के अवसर पर मॉल पहुंचे बड़ी संख्या में नागरिकों, युवाओं और परिवारों से पुलिस टीम ने सीधे संवाद कर उन्हें साइबर ठगी के नए तरीकों और डिजिटल सुरक्षा के उपायों की जानकारी दी।
15 अगस्त से 2 अक्टूबर तक चलेगा साइबर जागृति अभियान
छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा 15 अगस्त से 2 अक्टूबर 2026 तक विशेष साइबर जागृति अभियान संचालित किया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य साइबर अपराधों के प्रति नागरिकों में जागरूकता बढ़ाना और उन्हें डिजिटल लेन-देन तथा सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग के प्रति सतर्क करना है।
इसी कड़ी में पुलिस कमिश्नरेट रायपुर द्वारा भी सार्वजनिक एवं भीड़भाड़ वाले स्थानों पर विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि साइबर सुरक्षा का संदेश अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाया जा सके।
वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ कार्यक्रम
पुलिस आयुक्त डॉ. संजीव शुक्ला के निर्देशन एवं मार्गदर्शन में यह अभियान आयोजित किया गया। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त श्री अमित तुकाराम कांबले (IPS), पुलिस उपायुक्त नॉर्थ जोन श्रीमती दीपमाला कश्यप एवं अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त नॉर्थ जोन श्री आदित्य पांडे के मार्गदर्शन में थाना पंडरी क्षेत्र अंतर्गत अंबुजा मॉल में दो दिवसीय विशेष कार्यक्रम संचालित किया गया।
सहायक पुलिस आयुक्त पंडरी श्री कृष्ण कुमार चंद्राकर के पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी पंडरी निरीक्षक श्री परेश पांडे एवं थाना पंडरी पुलिस टीम ने मॉल आने वाले नागरिकों से प्रत्यक्ष संवाद किया।
OTP, PIN और CVV साझा नहीं करने की दी समझाइश
पुलिस टीम ने नागरिकों को साइबर ठगी के विभिन्न तरीकों के बारे में जानकारी देते हुए विशेष रूप से सतर्क रहने की अपील की। लोगों को समझाया गया कि किसी भी परिस्थिति में अपना OTP, PIN, CVV और पासवर्ड किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करें।
इसके अलावा नागरिकों को—
- अनजान और संदिग्ध लिंक पर क्लिक नहीं करने,
- संदिग्ध QR कोड स्कैन नहीं करने,
- फर्जी KYC अपडेट के नाम पर होने वाली ठगी से बचने,
- बैंक अधिकारी बनकर फोन करने वाले जालसाजों से सावधान रहने,
- डिजिटल अरेस्ट जैसी साइबर ठगी की घटनाओं को पहचानने,
- ऑनलाइन निवेश के नाम पर होने वाली धोखाधड़ी से सतर्क रहने,
- सोशल मीडिया पर अनजान लोगों और संदिग्ध ऑफर्स से सावधान रहने
की जानकारी दी गई।
“संवाद से समाधान” के जरिए नागरिकों की शंकाओं का समाधान
पुलिस कमिश्नरेट रायपुर द्वारा संचालित “संवाद से समाधान” जनजागरूकता कार्यक्रम की भावना को इस अभियान में भी प्राथमिकता दी गई। पुलिस अधिकारियों एवं जवानों ने नागरिकों से सीधे संवाद कर उनकी साइबर सुरक्षा से जुड़ी शंकाओं और सवालों का समाधान किया।
पुलिस द्वारा बताया गया कि साइबर अपराधों से बचाव के लिए केवल तकनीकी जानकारी ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि जागरूकता, सतर्कता और समय पर सही कदम उठाना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
“जागरूकता की एक Selfie” से जुड़ा जनसहभागिता अभियान
अभियान को आकर्षक और जनसहभागिता आधारित बनाने के लिए अंबुजा मॉल परिसर में “जागरूकता की एक Selfie” सेल्फी स्टैंड भी लगाया गया। बड़ी संख्या में नागरिकों और युवाओं ने सेल्फी स्टैंड के साथ तस्वीरें लेकर साइबर जागरूकता अभियान में सहभागिता की।
पुलिस ने लोगों को साइबर सुरक्षा के संदेश को सोशल मीडिया के माध्यम से अपने परिवार, दोस्तों और परिचितों तक पहुंचाने के लिए भी प्रेरित किया। इस पहल का उद्देश्य साइबर जागरूकता को केवल कार्यक्रम स्थल तक सीमित न रखते हुए डिजिटल माध्यमों से व्यापक स्तर तक पहुंचाना रहा।
साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 पर करें शिकायत
पुलिस टीम ने नागरिकों को साइबर ठगी की स्थिति में समय गंवाए बिना तत्काल कार्रवाई करने की जानकारी दी। नागरिकों को बताया गया कि साइबर ठगी होने पर राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर तुरंत संपर्क करें तथा National Cyber Crime Reporting Portal के माध्यम से शिकायत दर्ज कराएं।
पुलिस ने समझाया कि साइबर फ्रॉड की घटना के बाद जितनी जल्दी शिकायत की जाती है, उतनी ही जल्दी संबंधित एजेंसियों के माध्यम से आवश्यक कार्रवाई शुरू करने की संभावना बढ़ती है।
जनभागीदारी से मजबूत होगी साइबर सुरक्षा
दो दिवसीय कार्यक्रम के दौरान पुलिस टीम ने बड़ी संख्या में नागरिकों तक सीधे पहुंच बनाकर उन्हें साइबर अपराधों के प्रति जागरूक किया। कार्यक्रम का मुख्य संदेश रहा कि साइबर अपराध से बचाव में जागरूकता और सतर्कता सबसे बड़ा सुरक्षा कवच है।
छत्तीसगढ़ पुलिस का साइबर जागृति अभियान 2 अक्टूबर 2026 तक जारी रहेगा। इसके अंतर्गत पुलिस कमिश्नरेट रायपुर द्वारा विभिन्न सार्वजनिक स्थानों पर जनसहभागिता, प्रत्यक्ष संवाद और “संवाद से समाधान” की भावना के साथ साइबर अपराधों के विरुद्ध जागरूकता गतिविधियां संचालित की जाएंगी।
Bharat36National के लिए संदेश:
“सतर्क रहें, सुरक्षित रहें—साइबर ठगी से बचाव की पहली जिम्मेदारी हमारी अपनी जागरूकता है।”







📰 वर्ष 2022 से पत्रकारिता जगत में सक्रिय सोनू कुमार ने अपनी पहचान निर्भीक, निष्पक्ष और जनहित की पत्रकारिता से बनाई है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत समय घटति घटना दैनिक अख़बार से रायपुर जिला ब्यूरो चीफ के रूप में की। वर्ष 2023 में रायपुर पत्रिका दैनिक से जुड़ने के बाद
इलेक्ट्रॉनिक मीडिया VIP News मे छत्तीसगढ़ में ब्यूरो चीफ बनाए जाने पर विशेष पहचान मिली।
🎙️ प्रिंट मीडिया के साथ-साथ उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में News 21,बुलंद छत्तीसगढ़ तथा आवाम दुत में ब्युरो प्रमुख Chhattisgarh के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाईं।
📺 वर्तमान में वे “Bharat 36 National” YouTube चैनल एवं 🌐 Bharat36National.com पोर्टल के संपादक के रूप में सक्रिय हैं।
✨ पहचान — बेबाक, तेज़ और सच को जनता तक पहुँचाने वाली पत्रकारिता।



