रायपुर | 20 अगस्त 2026
बाढ़ में फंसे ग्रामीणों, बच्चों और पशुओं का रेस्क्यू; LPG टैंकर दुर्घटना में गैस रिसाव रोकने का किया गया अभ्यास
लगातार बारिश के बीच संभावित बाढ़ और अचानक होने वाली औद्योगिक अथवा परिवहन दुर्घटनाओं से निपटने की प्रशासनिक तैयारियों को परखने के लिए रायपुर जिले में व्यापक आपदा प्रबंधन मॉकड्रिल आयोजित की गई। सेंध जलाशय, नवा रायपुर के परसदा गांव और शहीद वीर नारायण सिंह अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के आसपास आयोजित इस अभ्यास में बाढ़, डूबते व्यक्ति, पानी में फंसे बच्चों एवं ग्रामीणों, पशुओं के रेस्क्यू और LPG टैंकर दुर्घटना जैसी आपात परिस्थितियों का वास्तविक घटनाक्रम जैसा प्रदर्शन किया गया।
मॉकड्रिल के दौरान एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, नगर सेना, जिला प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य, सिंचाई, पीडब्ल्यूडी, बिजली, पीएचई, महिला एवं बाल विकास, पशु चिकित्सा सहित विभिन्न विभागों ने संयुक्त रूप से अपनी भूमिका निभाई। अभ्यास का मुख्य उद्देश्य आपदा की सूचना मिलने से लेकर रेस्क्यू, प्राथमिक उपचार, सुरक्षित निकासी और अस्पताल तक पहुंचाने की पूरी प्रक्रिया में विभागों के बीच समन्वय और त्वरित प्रतिक्रिया को परखना रहा।
कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में हुआ अभ्यास
कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित मॉकड्रिल का निरीक्षण राजस्व एवं आपदा प्रबंधन सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी, एनडीएमए के वरिष्ठ सलाहकार एवं सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर श्री रवीन्द्र गुरंग, असिस्टेंट कमांडेंट सीआईएसएफ त्रिपुरा एवं वरिष्ठ सलाहकार बिहार एसडीएमए डॉ. जीवन कुमार तथा उप सचिव राजस्व एवं आपदा प्रबंधन श्री गजेंद्र सिंह ठाकुर ने किया।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने विभिन्न रेस्क्यू टीमों की कार्रवाई, विभागीय समन्वय और आपात स्थिति में प्रतिक्रिया की गति का जायजा लिया। अधिकारियों ने टीमों द्वारा किए गए बेहतर समन्वय और त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए आपदा राहत दलों को बधाई दी।
परसदा में बाढ़ का दृश्य, डूबते ग्रामीण का किया रेस्क्यू
मॉकड्रिल के पहले चरण में परसदा गांव में लगातार बारिश के कारण बाढ़ की स्थिति निर्मित होने का परिदृश्य तैयार किया गया। इसी दौरान अचानक “बचाव-बचाव” की आवाज सुनाई देने का दृश्य प्रस्तुत किया गया। सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन की टीम सक्रिय हुई और मौके पर पहुंची।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए इंसीडेंट कमांडर ने तत्काल संबंधित विभागों को अलर्ट किया। राजस्व, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, सिंचाई, पीडब्ल्यूडी, पुलिस, स्वास्थ्य, बिजली, पीएचई, महिला एवं बाल विकास तथा जनपद पंचायत सहित विभिन्न विभागों को आवश्यक व्यवस्थाओं के लिए निर्देशित किया गया।
कुछ ही समय में रेस्क्यू टीम आवश्यक उपकरणों और बोट के साथ मौके पर पहुंची। पानी में फंसे व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इसके बाद मेडिकल टीम ने प्राथमिक उपचार के दौरान सीपीआर देने की प्रक्रिया का अभ्यास किया और मरीज को आगे के उपचार के लिए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र भेजने की कार्रवाई प्रदर्शित की गई।
इस पूरे घटनाक्रम के माध्यम से यह परखा गया कि आपदा की सूचना मिलने के बाद प्रशासन कितनी तेजी से घटनास्थल तक पहुंचता है और रेस्क्यू से लेकर प्राथमिक उपचार एवं अस्पताल पहुंचाने तक निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन किस तरह किया जाता है।
बाढ़ में फंसी बकरियों का भी रेस्क्यू
मॉकड्रिल के दौरान ग्रामीणों द्वारा बाढ़ के पानी में पशुओं के फंसे होने की सूचना दी गई। सूचना मिलते ही रेस्क्यू टीम ने तत्काल कार्रवाई शुरू की।
ऊंचे स्थान पर फंसी बकरियों तक पहुंचने के लिए रेस्क्यू कर्मियों ने रस्सियों और बोट की सहायता ली। सावधानीपूर्वक पशुओं को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया गया। इसके बाद पशु चिकित्सा विभाग की टीम ने पशुओं की स्थिति की जांच करते हुए प्राथमिक उपचार की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया।
इस अभ्यास में यह संदेश भी स्पष्ट किया गया कि आपदा प्रबंधन के दौरान केवल मानव जीवन ही नहीं, बल्कि प्रभावित क्षेत्रों में फंसे पशुधन को सुरक्षित निकालना भी राहत एवं बचाव व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
बच्चे और ग्रामीण भी बाढ़ से निकाले गए
इसी दौरान एक और आपात स्थिति का दृश्य तैयार किया गया, जिसमें एक व्यक्ति और एक छोटा बच्चा बाढ़ के पानी में फंसे हुए दिखाए गए। सूचना मिलते ही रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और दोनों को सुरक्षित बाहर निकाला।
बचाव के बाद दोनों को प्राथमिक चिकित्सा उपलब्ध कराई गई और एंबुलेंस के माध्यम से रेस्क्यू सेंटर तक पहुंचाने की प्रक्रिया पूरी की गई। इस चरण में विशेष रूप से बच्चों और अन्य संवेदनशील लोगों को बाढ़ प्रभावित क्षेत्र से सुरक्षित निकालने की रणनीति का अभ्यास किया गया।
दूसरे चरण में LPG टैंकर हादसे का अभ्यास
मॉकड्रिल के दूसरे चरण में शहीद वीर नारायण सिंह अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, नवा रायपुर के आसपास LPG टैंकर दुर्घटना का परिदृश्य तैयार किया गया।
अभ्यास के तहत दर्शाया गया कि LPG टैंकर के ब्रेक कमजोर होने के कारण वह सड़क के डिवाइडर से टकराकर बीच सड़क पर रुक गया। टक्कर के बाद टैंकर से LPG गैस का रिसाव शुरू होने की स्थिति दिखाई गई। संभावित खतरे को देखते हुए आसपास के क्षेत्र में अफरा-तफरी का दृश्य बनाया गया और LPG कंपनी के अधिकारियों को सूचना दी गई।
स्थिति नियंत्रित नहीं होने पर जिला प्रशासन को इसकी जानकारी दी गई। इसके बाद एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, नगर सेना और जिला प्रशासन की टीमें तत्काल घटनास्थल पर पहुंचीं।
गैस रिसाव, सुरक्षा घेरा और घायल चालक की मदद
रेस्क्यू टीमों ने सबसे पहले घटनास्थल को सुरक्षित करने और संभावित खतरे को नियंत्रित करने की कार्रवाई का प्रदर्शन किया। LPG गैस के रिसाव के कारण उत्पन्न संभावित जोखिम को ध्यान में रखते हुए क्षेत्र को सुरक्षित रखने तथा संबंधित एजेंसियों के बीच समन्वय स्थापित करने की प्रक्रिया का अभ्यास किया गया।
हादसे में घायल वाहन चालक को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने और उसे नजदीकी अस्पताल तक पहुंचाने की प्रक्रिया भी प्रदर्शित की गई।
इस चरण का प्रमुख उद्देश्य LPG जैसी ज्वलनशील गैस से जुड़ी दुर्घटना में त्वरित प्रतिक्रिया, घटनास्थल की सुरक्षा, गैस रिसाव पर नियंत्रण, राहत एजेंसियों के बीच समन्वय और घायल व्यक्ति को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने की तैयारियों को परखना था।
अधिकारियों ने बोट से किया अंतिम निरीक्षण
मॉकड्रिल के अंतिम चरण में एडीएम श्री उमा शंकर बंदे, अपर कलेक्टर श्री कीर्तिमान सिंह राठौर, आरंग एसडीएम श्रीमती अभिलाषा पैकरा, रायपुर एसडीएम श्री नंदकुमार चौबे, डिप्टी कलेक्टर श्री उपेन्द्र किंडो और जिला सेनानी श्री पुष्पराज सिंह सहित राजस्व अमले ने बोट के माध्यम से प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया।
अधिकारियों ने यह सुनिश्चित करने का अभ्यास किया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में कोई अन्य व्यक्ति फंसा न रह गया हो और आवश्यकता होने पर अंतिम चरण में भी रेस्क्यू अभियान संचालित किया जा सके।
बहु-आपदा परिस्थितियों के लिए तैयारियों की परीक्षा
रायपुर जिले में आयोजित इस मॉकड्रिल ने यह परखने का अवसर दिया कि प्राकृतिक आपदा और मानवजनित दुर्घटना जैसी अलग-अलग परिस्थितियों में प्रशासनिक तंत्र किस प्रकार एक साथ काम करता है।
अभ्यास के दौरान सूचना तंत्र, कमांड एवं कंट्रोल, त्वरित प्रतिक्रिया, रेस्क्यू ऑपरेशन, प्राथमिक उपचार, सुरक्षित निकासी, पशु बचाव, एंबुलेंस व्यवस्था और राहत प्रबंधन से जुड़े विभिन्न प्रोटोकॉल को मौके पर परखा गया।
प्रशासन का उद्देश्य केवल आपदा के दौरान राहत पहुंचाना ही नहीं, बल्कि आपदा से पहले विभिन्न विभागों की भूमिकाओं और उनके बीच समन्वय को मजबूत करना भी है। मॉकड्रिल के माध्यम से वास्तविक आपदा की स्थिति में संभावित कमियों की पहचान कर उन्हें समय रहते दूर करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण अभ्यास किया गया।
कई विभागों ने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका
मॉकड्रिल में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, नगर सेना और जिला प्रशासन के साथ राजस्व, पुलिस, स्वास्थ्य, सिंचाई, पीडब्ल्यूडी, बिजली, पीएचई, पशु चिकित्सा, महिला एवं बाल विकास तथा जनपद पंचायत सहित विभिन्न विभागों की टीमों ने भाग लिया।
पूरे अभ्यास में यह संदेश प्रमुख रहा कि किसी भी बड़ी आपदा से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए त्वरित सूचना, स्पष्ट कमांड सिस्टम, प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम और सभी संबंधित विभागों के बीच मजबूत समन्वय सबसे महत्वपूर्ण है।
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📰 वर्ष 2022 से पत्रकारिता जगत में सक्रिय सोनू कुमार ने अपनी पहचान निर्भीक, निष्पक्ष और जनहित की पत्रकारिता से बनाई है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत समय घटति घटना दैनिक अख़बार से रायपुर जिला ब्यूरो चीफ के रूप में की। वर्ष 2023 में रायपुर पत्रिका दैनिक से जुड़ने के बाद
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