18 लाख पीएम आवास के दावे पर कांग्रेस का हमला, बृजमोहन अग्रवाल के सवाल का हवाला देकर भाजपा सरकार से मांगा हिसाब

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रायपुर, 24 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने भाजपा सरकार के 18 लाख नए प्रधानमंत्री आवास देने के दावे पर सवाल खड़े करते हुए आरोप लगाया है कि सरकार पुराने स्वीकृत और निर्माणाधीन आवासों को अपनी उपलब्धि बताकर श्रेय ले रही है।

प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि सांसद बृजमोहन अग्रवाल द्वारा सदन में प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर पूछे गए सवाल के केंद्र सरकार के जवाब ने उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के 18 लाख नए पीएम आवास देने के दावों की पोल खोल दी है। कांग्रेस का कहना है कि सदन में सामने आए आंकड़ों से यह स्पष्ट होता है कि पिछले वर्षों में पूर्ण हुए कई आवासों की स्वीकृति और निर्माण प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी थी।

कांग्रेस ने पुराने आवासों को लेकर उठाए सवाल

धनंजय सिंह ठाकुर ने दावा किया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत वर्ष 2020 से 2024 के बीच बड़ी संख्या में आवास पूर्ण हुए। कांग्रेस द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार—

  • वर्ष 2020: 59,684 आवास पूर्ण
  • वर्ष 2021: 23,291 आवास पूर्ण
  • वर्ष 2022: 33,575 आवास पूर्ण
  • वर्ष 2023: 2,32,309 आवास पूर्ण
  • वर्ष 2024: निर्माणाधीन पुराने स्वीकृत आवासों में से लगभग 1.22 लाख आवास पूर्ण

कांग्रेस का आरोप है कि इन आंकड़ों में बड़ी संख्या ऐसे आवासों की है, जिनकी स्वीकृति, राशि जारी होने और निर्माण की प्रक्रिया पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में शुरू हो चुकी थी।

18 लाख नए आवास पर भाजपा से मांगा स्पष्ट हिसाब

कांग्रेस ने भाजपा सरकार से सवाल किया है कि सत्ता में आने के बाद घोषित किए गए 18 लाख नए पीएम आवासों में वास्तव में कितने आवास नए सिरे से स्वीकृत किए गए हैं।

धनंजय सिंह ठाकुर ने भाजपा सरकार से चार प्रमुख सवाल पूछे हैं—

  1. 18 लाख में से कितने आवासों की स्वीकृति भाजपा सरकार के कार्यकाल में हुई?
  2. कितने आवासों का निर्माण भाजपा सरकार ने शून्य से शुरू कराया?
  3. कितने गरीब परिवारों को वास्तव में नया पक्का मकान मिला?
  4. जिन पात्र गरीब परिवारों को अभी तक आवास नहीं मिला, उन्हें उनका पक्का मकान कब मिलेगा?

कांग्रेस का कहना है कि केवल पूर्ण हो चुके पुराने आवासों को अपनी उपलब्धि बताना पर्याप्त नहीं है। सरकार को प्रत्येक आवास की स्वीकृति, पहली किस्त जारी होने और निर्माण शुरू होने की तारीख सार्वजनिक करनी चाहिए।

चुनावी दावों को लेकर भी कांग्रेस ने घेरा

प्रदेश कांग्रेस ने आरोप लगाया कि विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा ने तत्कालीन कांग्रेस सरकार पर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत गरीबों को आवास नहीं देने के आरोप लगाए थे। कांग्रेस का कहना है कि अब सदन में सामने आए आंकड़ों के बाद भाजपा को यह स्पष्ट करना चाहिए कि यदि पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में आवास स्वीकृत नहीं हुए थे, तो वर्ष 2020 से 2023 के बीच बड़ी संख्या में आवास कैसे पूर्ण हुए और उनकी स्वीकृति एवं निर्माण प्रक्रिया कब शुरू हुई।

कांग्रेस ने कहा कि आवास की स्वीकृति, राशि जारी होने और निर्माण शुरू होने की पूरी प्रक्रिया का रिकॉर्ड सामने आने से ही यह स्पष्ट होगा कि किस सरकार के कार्यकाल में किस आवास की वास्तविक शुरुआत हुई थी।

“पुराने आवासों को नया बताकर श्रेय लेना उपलब्धि नहीं”

धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि गरीब परिवारों को यह जानने का अधिकार है कि उनके नाम पर आवास कब स्वीकृत हुआ, पहली किस्त कब जारी हुई और मकान का निर्माण कब शुरू हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि पुराने आवासों को नया बताकर प्रचार करना गरीबों के साथ अन्याय है।

उन्होंने कहा कि सरकार को आंकड़ों की बाजीगरी के बजाय आवासवार पारदर्शी जानकारी जनता के सामने रखनी चाहिए।

कांग्रेस ने भाजपा सरकार से माफी मांगने की मांग की

प्रदेश कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर चुनाव के दौरान पीएम आवास को लेकर कांग्रेस पर लगाए गए आरोपों के जरिए गरीबों को गुमराह करने का आरोप लगाया है।

धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि यदि सदन में सामने आए आंकड़े कांग्रेस के दावों की पुष्टि करते हैं, तो भाजपा नेताओं को उन आरोपों पर प्रदेश की जनता और उन गरीब परिवारों से माफी मांगनी चाहिए, जिन्हें प्रधानमंत्री आवास के नाम पर कथित रूप से भ्रमित किया गया।

9 लाख से अधिक आवास पूर्ण होने के आंकड़े का भी हवाला

कांग्रेस ने यह भी दावा किया कि केंद्र सरकार के आंकड़ों में पिछले पांच वर्षों के दौरान 9 लाख से अधिक प्रधानमंत्री आवास ग्रामीण के पूर्ण होने की जानकारी सामने आई है। पार्टी का आरोप है कि इनमें बड़ी संख्या ऐसे आवासों की है, जिनकी स्वीकृति और निर्माण की प्रक्रिया कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में शुरू हो चुकी थी।

हालांकि, इस दावे को लेकर कांग्रेस ने सरकार से आवासों की स्वीकृति वर्ष, निर्माण प्रारंभ होने की तारीख और पूर्णता वर्ष के आधार पर विस्तृत आंकड़े सार्वजनिक करने की मांग की है।

अब आंकड़ों की पारदर्शिता पर टिकी सियासत

प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर छत्तीसगढ़ में अब राजनीतिक बहस केवल आवासों की संख्या तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि यह सवाल भी महत्वपूर्ण हो गया है कि किस आवास की स्वीकृति कब हुई और उसका निर्माण किस सरकार के कार्यकाल में शुरू हुआ।

कांग्रेस का कहना है कि भाजपा सरकार को 18 लाख नए पीएम आवास के दावे का पूरा हिसाब जनता के सामने रखना चाहिए। वहीं, इस मुद्दे पर सरकार की ओर से आने वाला विस्तृत जवाब राजनीतिक बहस की दिशा तय कर सकता है।

कांग्रेस की मांग है कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत स्वीकृत, निर्माणाधीन और पूर्ण आवासों का वर्षवार तथा सरकार के कार्यकाल के आधार पर पूरा विवरण सार्वजनिक किया जाए, ताकि जनता के सामने वास्तविक तस्वीर स्पष्ट हो सके।

— धनंजय सिंह ठाकुर
मुख्य प्रवक्ता, छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी

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