युवा कांग्रेस चुनाव पर भाजयुमो का हमला, राहुल टिकरिहा बोले—“यह चुनाव नहीं, कांग्रेस की ‘चूहा दौड़’ और गुटबाजी का प्रदर्शन”

रायपुर। युवा कांग्रेस के संगठनात्मक चुनावों को लेकर छत्तीसगढ़ की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के प्रदेश अध्यक्ष राहुल टिकरिहा ने कांग्रेस के युवा संगठन में चल रही कथित अंतर्कलह और गुटबाजी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि युवा कांग्रेस के चुनाव संगठनात्मक लोकतंत्र की प्रक्रिया कम और कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के बीच वर्चस्व की लड़ाई का मंच अधिक बन गए हैं।

राहुल टिकरिहा ने कहा कि कांग्रेस में गुटबाजी और नेतृत्व को लेकर खींचतान कोई नई बात नहीं है, लेकिन अब इसका असर पार्टी के युवा संगठन में भी दिखाई दे रहा है। उनके मुताबिक, युवा कार्यकर्ताओं और उनके राजनीतिक भविष्य को आगे बढ़ाने के बजाय कांग्रेस के बड़े नेता अपने-अपने गुट को मजबूत करने की कोशिश में लगे हैं।

“युवा कांग्रेस का चुनाव नहीं, नेताओं के बीच वर्चस्व की लड़ाई”

भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि यूथ कांग्रेस के चुनावों को जिस तरह से लेकर कांग्रेस के भीतर खींचतान सामने आ रही है, उससे संगठन की आंतरिक स्थिति स्पष्ट होती है। उन्होंने दावा किया कि युवा कांग्रेस के चुनाव के पीछे कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की राजनीतिक प्रतिस्पर्धा काम कर रही है और युवा कार्यकर्ताओं को इस संघर्ष में मोहरे की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है।

टिकरिहा ने कहा कि जिस राजनीतिक दल से युवाओं के लिए रोजगार, शिक्षा, नेतृत्व और भविष्य की योजनाओं पर स्पष्ट दिशा की अपेक्षा की जाती है, उसी दल के भीतर युवा संगठन को लेकर आपसी खींचतान दिखाई दे रही है।

देवेंद्र यादव और भूपेश बघेल समर्थित उम्मीदवार को लेकर निशाना

राहुल टिकरिहा ने हालिया घटनाक्रम का उल्लेख करते हुए विधायक देवेंद्र यादव पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि देवेंद्र यादव ने कथित तौर पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के समर्थन वाले उम्मीदवार के सामने अपना प्रत्याशी उतार दिया है।

टिकरिहा ने इसे कांग्रेस के भीतर बदलते राजनीतिक समीकरण और आपसी वर्चस्व की लड़ाई का उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि इससे यह सवाल उठता है कि कांग्रेस में संगठनात्मक अनुशासन और राजनीतिक निष्ठा की स्थिति क्या है।

हालांकि, इन आरोपों पर कांग्रेस नेताओं की ओर से इस बयान के संदर्भ में कोई पक्ष इस वक्त सामने नहीं रखा गया है। इसलिए भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष द्वारा लगाए गए आरोपों को राजनीतिक आरोप के तौर पर देखा जाना चाहिए।

“कांग्रेस में व्यक्तिगत हित और गुटबाजी हावी”

भाजयुमो नेता ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के भीतर संगठन से ज्यादा व्यक्तिगत राजनीतिक हित और गुटीय समीकरण प्रभावी हैं। उन्होंने कहा कि युवा कांग्रेस के चुनावों में सामने आ रही प्रतिस्पर्धा इस बात का संकेत है कि पार्टी के भीतर अलग-अलग राजनीतिक खेमे अपने प्रभाव का विस्तार करने में जुटे हैं।

उन्होंने कांग्रेस की आंतरिक राजनीति पर कटाक्ष करते हुए इसे “चूहा दौड़” करार दिया। टिकरिहा के मुताबिक, पार्टी में हर गुट दूसरे को पीछे छोड़कर अपने प्रभाव को मजबूत करने की कोशिश कर रहा है।

युवाओं के भविष्य को लेकर उठाए सवाल

राहुल टिकरिहा ने कहा कि राजनीतिक दलों के युवा संगठन किसी भी पार्टी के भविष्य की आधारशिला होते हैं। ऐसे में यदि युवा कार्यकर्ताओं को नेतृत्व विकसित करने के बजाय गुटीय राजनीति में इस्तेमाल किया जाता है, तो इसका नुकसान सीधे युवाओं को होता है।

उन्होंने सवाल उठाया कि जो पार्टी अपने ही युवा संगठन में एकजुटता और अनुशासन कायम नहीं रख पा रही है, वह प्रदेश और देश के युवाओं को किस प्रकार की राजनीतिक दिशा देगी।

छत्तीसगढ़ के युवाओं से कांग्रेस से दूर रहने की अपील

भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष ने छत्तीसगढ़ के युवाओं से कांग्रेस की कथित विभाजनकारी और गुटीय राजनीति को समझने की अपील की। उन्होंने कहा कि युवाओं को ऐसे राजनीतिक मंच का चयन करना चाहिए, जहां उन्हें केवल किसी नेता या गुट के समर्थन के लिए इस्तेमाल न किया जाए, बल्कि नेतृत्व और जनसेवा का अवसर मिले।

उन्होंने कहा कि भारतीय जनता युवा मोर्चा युवाओं के उज्ज्वल भविष्य और उनके राजनीतिक सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है। साथ ही उन्होंने कहा कि भाजयुमो कांग्रेस की कथित अंतर्कलह और गुटबाजी को जनता के सामने लगातार उठाता रहेगा।

बयान के बाद बढ़ सकती है राजनीतिक बयानबाजी

युवा कांग्रेस के चुनावों को लेकर भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष का यह बयान ऐसे समय आया है, जब छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के संगठनात्मक समीकरणों को लेकर राजनीतिक चर्चाएं जारी हैं। राहुल टिकरिहा के आरोपों ने युवा कांग्रेस की चुनावी प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है।

अब नजर कांग्रेस की ओर से आने वाली प्रतिक्रिया पर रहेगी। यदि कांग्रेस की ओर से भाजयुमो के आरोपों का जवाब दिया जाता है, तो आने वाले दिनों में युवा कांग्रेस के चुनाव और पार्टी के भीतर गुटीय समीकरण छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक बार फिर प्रमुख मुद्दा बन सकते हैं।

नोट: यह समाचार भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष राहुल टिकरिहा द्वारा जारी राजनीतिक बयान और उसमें लगाए गए आरोपों पर आधारित है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस समाचार में नहीं की गई है।

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