शास्त्रीय संगीत, कथक, भरतनाट्यम से लेकर देशभक्ति गीतों तक दिखी कला-संस्कृति की झलक; नन्हे कलाकारों से लेकर वरिष्ठ प्रतिभागियों ने साझा किया मंच
रायपुर, 04 सितंबर 2026। राजधानी रायपुर में आयोजित तिरंगा फेस्ट फेस्टिवल का ग्रैंड फिनाले इस बार ‘गुरु वंदन’ की भावपूर्ण थीम के साथ कला, संस्कृति, देशभक्ति और गुरु-शिष्य परंपरा का जीवंत मंच बन गया। जयस्तंभ चौक स्थित शहीद स्मारक भवन में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में करीब 30 रंगारंग प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन और जिला प्रशासन रायपुर के अभिनव प्रयास से आयोजित इस कार्यक्रम में विभिन्न आयु वर्ग के कलाकारों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। मंच पर शास्त्रीय संगीत, कथक, भरतनाट्यम, नृत्य, गीत, देशभक्ति गीत और वर्चुअल प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को विविध रंगों से भर दिया।
गुरु-शिष्य परंपरा को समर्पित रहा सितंबर का आयोजन
सितंबर माह को महान शिक्षाविद एवं पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को समर्पित करते हुए तिरंगा फेस्ट की थीम ‘गुरु वंदन’ रखी गई। इसी भावना के अनुरूप कार्यक्रम में शिक्षकों और विद्यार्थियों ने एक साथ मंच साझा किया।
प्रस्तुतियों के दौरान गुरु के प्रति सम्मान, शिक्षा के महत्व और गुरु-शिष्य संबंधों की भारतीय परंपरा को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया। कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से यह संदेश दिया कि जीवन में ज्ञान और संस्कार प्रदान करने वाले गुरु का स्थान सदैव सर्वोच्च रहता है।
पांच साल के नन्हे कलाकारों ने जीता दिल
कार्यक्रम का सबसे आकर्षक और भावुक कर देने वाला क्षण उस समय आया, जब करीब पांच वर्ष की उम्र के नन्हे-मुन्ने कलाकारों ने मंच पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। कम उम्र के बावजूद बच्चों ने पूरे आत्मविश्वास के साथ अपनी प्रस्तुतियां दीं और दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं।
तिरंगा फेस्ट में प्रतिभागियों के लिए दो आयु वर्ग निर्धारित किए गए थे—5 से 15 वर्ष तथा 15 से 70 वर्ष। इस व्यवस्था ने कार्यक्रम को विशेष बना दिया, क्योंकि एक ही मंच पर बच्चों की मासूम प्रतिभा और वरिष्ठ प्रतिभागियों के अनुभव एवं कला का सुंदर संगम देखने को मिला।
कला के साथ देशभक्ति का भी दिखा रंग
ग्रैंड फिनाले में देशभक्ति गीतों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में राष्ट्रप्रेम का भाव भी मजबूत किया। विभिन्न कलाकारों ने गीत, नृत्य और संगीत के माध्यम से भारतीय संस्कृति तथा देशभक्ति की भावना को प्रस्तुत किया।
शास्त्रीय संगीत और नृत्य की प्रस्तुतियों के साथ आधुनिक अंदाज में तैयार कार्यक्रमों ने भी दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया। करीब 30 प्रस्तुतियों ने पूरे आयोजन को एक भव्य सांस्कृतिक मंच का स्वरूप प्रदान किया।
हर महीने बदलेगी तिरंगा फेस्ट की थीम
कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने कहा कि तिरंगा फेस्ट की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसकी थीम हर महीने बदलेगी। अलग-अलग सामाजिक वर्गों, महापुरुषों और महत्वपूर्ण अवसरों को केंद्र में रखकर कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि आने वाले महीनों में महापुरुषों की जयंती और महत्वपूर्ण राष्ट्रीय एवं सामाजिक अवसरों के अनुरूप तिरंगा फेस्ट की थीम निर्धारित की जाएगी। इसका उद्देश्य समाज के विभिन्न वर्गों को अपनी प्रतिभा और योगदान प्रदर्शित करने के लिए मंच उपलब्ध कराना है।
25 सितंबर को होगा ‘अंत्योदय वंदन पर्व’
तिरंगा फेस्ट के आगामी आयोजन को लेकर भी विशेष रूपरेखा तैयार की गई है। 25 सितंबर को पंडित दीनदयाल उपाध्याय की स्मृति में ‘अंत्योदय वंदन पर्व’ के रूप में आयोजन किया जाएगा।
इस अवसर पर समाज के जमीनी स्तर पर कार्य करने वाले लोगों को विशेष मंच प्रदान किया जाएगा। इनमें स्वच्छता दीदी, पिंक दीदी, सफाई दीदी सहित विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले कर्मठ लोगों को सम्मान और अपनी प्रतिभा प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा।
रानी लक्ष्मीबाई की जयंती पर महिलाओं को मिलेगा मंच
तिरंगा फेस्ट की आगामी थीम में महिलाओं की भागीदारी पर भी विशेष जोर दिया गया है। रानी लक्ष्मीबाई की जयंती के अवसर पर मंच महिलाओं को समर्पित रहेगा। इस आयोजन के माध्यम से महिलाओं की प्रतिभा, उपलब्धियों और सामाजिक योगदान को सामने लाने का प्रयास किया जाएगा।
स्वामी विवेकानंद जयंती पर युवाओं की प्रतिभा को मिलेगा अवसर
स्वामी विवेकानंद जयंती के अवसर पर तिरंगा फेस्ट का मंच युवाओं के लिए समर्पित किया जाएगा। इस दौरान 12 से 29 वर्ष के युवा अपनी कला और प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकेंगे।
युवाओं को मंच देने का उद्देश्य उनकी रचनात्मकता, ऊर्जा और प्रतिभा को प्रोत्साहित करना है।
दिसंबर में अटल बिहारी वाजपेयी को समर्पित होगा भव्य कवि सम्मेलन
तिरंगा फेस्ट की आगामी योजनाओं में दिसंबर माह का आयोजन भी खास होगा। दिसंबर में पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी को समर्पित एक भव्य कवि सम्मेलन आयोजित किया जाएगा।
इस आयोजन में कविता, साहित्य और राष्ट्रभावना के माध्यम से वाजपेयी के साहित्यिक एवं सार्वजनिक जीवन को स्मरण किया जाएगा।
जिला प्रशासन समेत कई विभागों की संयुक्त पहल
तिरंगा फेस्ट का आयोजन जिला प्रशासन रायपुर, नगर निगम रायपुर, कला केंद्र एवं स्कूल शिक्षा विभाग के संयुक्त प्रयास से किया जा रहा है। आयोजन का उद्देश्य केवल सांस्कृतिक कार्यक्रम कराना ही नहीं, बल्कि समाज के विभिन्न वर्गों को एक साझा मंच उपलब्ध कराना भी है।
कार्यक्रम में कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह, नगर पालिक निगम आयुक्त श्री संबित मिश्रा, नगर निगम बिरगांव आयुक्त श्री युगल किशोर उर्वशा, अपर कलेक्टर श्री नवीन ठाकुर, अपर कलेक्टर श्री कीर्तिमान राठौर, पार्षद श्री अमर गिदवानी सहित अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
तिरंगा फेस्ट बना प्रतिभाओं को जोड़ने का मंच
‘गुरु वंदन’ ग्रैंड फिनाले ने यह संदेश दिया कि कला की कोई उम्र नहीं होती। एक ओर जहां नन्हे कलाकारों ने अपनी प्रतिभा से दर्शकों का दिल जीता, वहीं वरिष्ठ प्रतिभागियों ने अपने अनुभव और कला कौशल से कार्यक्रम को समृद्ध किया।
हर महीने बदलती थीम के माध्यम से तिरंगा फेस्ट आने वाले समय में शिक्षा, संस्कृति, महिला सशक्तिकरण, युवा प्रतिभा, सामाजिक योगदान और राष्ट्रभक्ति जैसे विभिन्न विषयों को मंच देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आ रहा है।










