श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महा-महोत्सव में शामिल हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, भगवान श्रीकृष्ण और राधारानी का किया शंख अभिषेक

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की, भक्तों के साथ किया ‘हरे कृष्ण’ महामंत्र का घोष

रायपुर, 4 सितंबर 2026। राजधानी रायपुर के टाटीबंध स्थित इस्कॉन रायपुर के श्री श्री राधा रासबिहारी जी मंदिर में आयोजित श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महा-महोत्सव भक्तिभाव और आध्यात्मिक उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। महोत्सव में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय शामिल हुए। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण और राधारानी के दर्शन कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और शंख अभिषेक किया। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि, खुशहाली और मंगलमय जीवन की कामना की।

मंदिर परिसर में आयोजित धार्मिक कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। पूरा परिसर ‘हरे कृष्ण, हरे कृष्ण, कृष्ण कृष्ण, हरे हरे’ महामंत्र के जयघोष से गुंजायमान रहा। मुख्यमंत्री श्री साय ने भी भक्तों के साथ महामंत्र का घोष किया और भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य उत्सव पर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।

धर्म, कर्तव्य और लोककल्याण का संदेश देता है श्रीकृष्ण का जीवन

मुख्यमंत्री श्री साय ने जन्माष्टमी के पावन अवसर पर प्रदेशवासियों और उपस्थित श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का संपूर्ण जीवन मानव समाज को धर्म, कर्तव्य और लोककल्याण के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।

उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने श्रीमद्भगवद्गीता के माध्यम से मानवता को कर्मयोग का महान संदेश दिया। उनका संदेश आज भी जीवन की चुनौतियों के बीच व्यक्ति को अपने कर्तव्य पथ पर दृढ़ता से आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जन्माष्टमी केवल भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य का उत्सव नहीं है, बल्कि यह उनके जीवन-दर्शन और आदर्शों को आत्मसात करने का अवसर भी है। भगवान श्रीकृष्ण ने अन्याय के विरुद्ध खड़े होने, धर्म की रक्षा करने और समाज के कमजोर वर्ग के साथ खड़े रहने का संदेश दिया। उनके विचार आज भी समाज के लिए प्रासंगिक और प्रेरणादायी हैं।

कृष्णमय हुआ इस्कॉन मंदिर परिसर

जन्माष्टमी महा-महोत्सव के दौरान इस्कॉन मंदिर में विशेष धार्मिक आयोजन किए जा रहे हैं। भजन-कीर्तन, भगवान श्रीकृष्ण की आराधना और विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों के बीच श्रद्धालु उत्साह और भक्ति में डूबे नजर आए।

मुख्यमंत्री के मंदिर पहुंचने पर उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण और राधारानी के दर्शन किए। पूजा-अर्चना एवं शंख अभिषेक के बाद उन्होंने प्रदेश की सुख-शांति और समृद्धि के लिए प्रार्थना की।

श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या के कारण मंदिर परिसर में उत्सव का माहौल बना रहा। भक्तों ने भजन-कीर्तन में सहभागिता की और भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य उत्सव को श्रद्धा एवं उल्लास के साथ मनाया।

छत्तीसगढ़ की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने पर जोर

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती प्राचीन काल से ही धर्म, अध्यात्म और संस्कृति की पुण्यभूमि रही है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ माता कौशल्या का मायका और प्रभु श्रीराम का ननिहाल है। प्रदेश के गांवों, नगरों, मंदिरों, तीर्थ स्थलों और लोक परंपराओं में इसकी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत आज भी जीवंत है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता छत्तीसगढ़ की इस गौरवशाली धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान को सहेजना, उसका संवर्धन करना और नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ना है।

मुख्यमंत्री ने प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों का उल्लेख करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में भोरमदेव, गंधेश्वर महादेव, मधेश्वर महादेव और कुलेश्वर महादेव जैसे प्रसिद्ध शिवधाम हैं। वहीं मां बमलेश्वरी, रतनपुर की मां महामाया, माता दंतेश्वरी और मां चंद्रहासिनी जैसे शक्तिपीठ एवं आस्था केंद्र प्रदेश की आध्यात्मिक पहचान को मजबूत करते हैं।

राज्य सरकार इन धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा उन्हें भव्य स्वरूप देने की दिशा में लगातार काम कर रही है।

भोरमदेव मंदिर क्षेत्र का 150 करोड़ रुपये से विकास

मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्व के भोरमदेव मंदिर क्षेत्र को प्रसाद योजना के अंतर्गत लगभग 150 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों का विकास केवल आस्था और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और आजीविका के नए अवसर भी पैदा होंगे। धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने से स्थानीय व्यापारियों, कारीगरों और सेवा क्षेत्र से जुड़े लोगों को आर्थिक लाभ मिलेगा।

50 हजार से अधिक श्रद्धालु कर चुके हैं रामलला के दर्शन

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आस्था समाज की बड़ी शक्ति है। सरकार का प्रयास है कि आर्थिक या अन्य कारणों से कोई भी श्रद्धालु अपने आराध्य के दर्शन से वंचित न रहे।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर में रामलला के विराजमान होने के बाद छत्तीसगढ़वासियों में अयोध्याधाम जाकर प्रभु श्रीराम के दर्शन को लेकर विशेष उत्साह है।

राज्य सरकार की श्रीरामलला दर्शन योजना के माध्यम से प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों के श्रद्धालुओं को अयोध्याधाम की यात्रा कराई जा रही है। मुख्यमंत्री के अनुसार अब तक 50 हजार से अधिक श्रद्धालु इस योजना के माध्यम से प्रभु श्रीरामलला के दर्शन कर चुके हैं।

मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना से बुजुर्गों की पूरी हो रही तीर्थ यात्रा की अभिलाषा

मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी तरह मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के अंतर्गत प्रदेश के वृद्धजनों को देश के प्रमुख तीर्थ स्थलों के दर्शन का अवसर उपलब्ध कराया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि जीवन के इस पड़ाव पर जब बुजुर्ग श्रद्धालु अपने आराध्य और प्रमुख तीर्थ स्थलों के दर्शन की इच्छा पूरी होते देखते हैं, तो यह सरकार के लिए भी संतोष का विषय है।

सरकार का उद्देश्य धार्मिक आस्था से जुड़े लोगों को तीर्थ यात्रा की सुविधा उपलब्ध कराने के साथ-साथ प्रदेश की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को व्यापक स्तर पर बढ़ावा देना है।

धार्मिक पर्यटन से रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन के विकास से एक ओर हमारी ऐतिहासिक और आध्यात्मिक विरासत का संरक्षण होता है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलती है।

धार्मिक स्थलों पर सुविधाओं का विस्तार होने से पर्यटकों और श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ती है। इससे स्थानीय युवाओं, स्व-सहायता समूहों, छोटे व्यवसायियों, दुकानदारों और कारीगरों के लिए रोजगार एवं आय के नए अवसर पैदा होते हैं।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि छत्तीसगढ़ के प्रमुख आस्था केंद्र राष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान बनाएं और प्रदेश धार्मिक पर्यटन के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में आगे बढ़े।

3 से 5 सितंबर तक आयोजित हो रहा महा-महोत्सव

उल्लेखनीय है कि इस्कॉन रायपुर के 26वें वर्ष में प्रवेश के उपलक्ष्य में 3 से 5 सितंबर तक श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महा-महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है।

महोत्सव के दौरान भगवान श्रीकृष्ण की आराधना, भजन-कीर्तन और विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया जा रहा है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचकर भगवान श्रीकृष्ण और राधारानी के दर्शन कर रहे हैं।

महोत्सव के चलते इस्कॉन मंदिर परिसर में विशेष सजावट की गई है और पूरे वातावरण में भक्ति एवं आध्यात्मिक उल्लास देखने को मिल रहा है।

ये रहे मौजूद

कार्यक्रम में राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, विधायक पुरन्दर मिश्रा, इस्कॉन रायपुर के पदाधिकारीगण, संतजन और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

Bharat36National निष्कर्ष

रायपुर में आयोजित श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महा-महोत्सव ने राजधानी को भक्तिमय वातावरण से सराबोर कर दिया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भगवान श्रीकृष्ण और राधारानी के दर्शन एवं शंख अभिषेक के साथ प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर उन्होंने धर्म, कर्तव्य और लोककल्याण के श्रीकृष्ण संदेश को जीवन में अपनाने का आह्वान किया। साथ ही छत्तीसगढ़ की धार्मिक विरासत, तीर्थ स्थलों के विकास और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सरकार की योजनाओं को भी रेखांकित किया।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

स्वतंत्रता दिवस 80वां वर्षगांठ शुभकामना
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं