कैंसर केयर को मजबूत करने के साथ स्वस्थ मानव संसाधन तैयार करना जरूरी: वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी

BMC छत्तीसगढ़ कैंसर कॉन्क्लेव-2026 में बोले वित्त मंत्री—विकसित भारत के लक्ष्य के लिए स्वस्थ युवा आबादी देश की सबसे बड़ी ताकत

रायपुर, 20 सितम्बर 2026। नवा रायपुर में आयोजित चतुर्थ वार्षिक BMC छत्तीसगढ़ कैंसर कॉन्क्लेव-2026 में कैंसर के बढ़ते प्रभाव, आधुनिक उपचार, स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और भविष्य के लिए स्वस्थ मानव संसाधन तैयार करने पर व्यापक चर्चा हुई। बाल्को मेडिकल सेंटर (BMC), eCancer तथा टाटा मेमोरियल सेंटर द्वारा आयोजित इस कॉन्क्लेव में छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी मुख्य रूप से शामिल हुए।

कॉन्क्लेव की थीम “Restoring Balance to Cancer Care” रखी गई। कार्यक्रम में देश के विभिन्न हिस्सों से आए कैंसर विशेषज्ञों, चिकित्सकों और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों ने कैंसर केयर को अधिक प्रभावी, संतुलित और मरीज-केंद्रित बनाने से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श किया।

स्वस्थ युवा आबादी विकसित भारत की सबसे बड़ी ताकत

वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि भारत आज दुनिया के सबसे युवा देशों में शामिल है। देश की औसत आयु करीब 29 वर्ष है, जबकि छत्तीसगढ़ की औसत आयु करीब 24 वर्ष बताई गई है। देश की लगभग 65 प्रतिशत आबादी 35 वर्ष से कम आयु की है।

उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी युवा आबादी भारत की आर्थिक प्रगति की महत्वपूर्ण ताकत है। वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए इस युवा शक्ति का स्वस्थ रहना बेहद जरूरी है।

श्री चौधरी ने कहा कि केवल आर्थिक विकास की गति बढ़ाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि इसके साथ नागरिकों के स्वास्थ्य को भी प्राथमिकता देनी होगी। स्वस्थ मानव संसाधन किसी भी तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था की बुनियादी आवश्यकता है।

अगले 10-20 वर्षों में स्वास्थ्य क्षेत्र के सामने बड़ी चुनौती

वित्त मंत्री ने कहा कि आने वाले 10 से 20 वर्षों में देश की जनसांख्यिकी में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिलेंगे और आबादी की औसत आयु बढ़ेगी। ऐसे समय में स्वास्थ्य क्षेत्र के सामने नई चुनौतियां सामने आएंगी।

उन्होंने कहा कि देश को आर्थिक रूप से विकसित होने के साथ-साथ यह भी सुनिश्चित करना होगा कि उसकी आबादी स्वस्थ रहे। इसके लिए स्वास्थ्य सेवाओं में समय रहते निवेश, आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार, विशेषज्ञ सेवाओं की उपलब्धता और चिकित्सा अनुसंधान को बढ़ावा देना आवश्यक है।

उन्होंने कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों से निपटने के लिए केवल उपचार तक सीमित रहने के बजाय जागरूकता, नियमित जांच, समय पर पहचान, शुरुआती उपचार और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं पर भी लगातार काम करने की आवश्यकता बताई।

कैंसर केयर में जागरूकता और शुरुआती पहचान पर जोर

कॉन्क्लेव के दौरान कैंसर के उपचार के साथ-साथ बीमारी की रोकथाम और समय पर पहचान को महत्वपूर्ण विषय के रूप में रेखांकित किया गया।

वित्त मंत्री ने कहा कि कैंसर के मामलों में समय पर बीमारी की पहचान होने से उपचार की दिशा में बेहतर तरीके से आगे बढ़ा जा सकता है। इसके लिए आम लोगों के बीच स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाना और आवश्यक जांच सुविधाओं को अधिक सुलभ बनाना जरूरी है।

उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को मरीज-केंद्रित बनाने के साथ-साथ आधुनिक तकनीक और विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं को प्रदेश के अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना समय की आवश्यकता है।

छत्तीसगढ़ में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार

श्री ओ.पी. चौधरी ने छत्तीसगढ़ में चिकित्सा शिक्षा के विकास और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के अपने अनुभव भी साझा किए।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य गठन के शुरुआती वर्षों में पूरे प्रदेश में केवल एक मेडिकल कॉलेज था। लगभग 25-26 वर्ष पहले राज्य पीएमटी में करीब 50वीं रैंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों के लिए भी मेडिकल सीट हासिल करना कठिन था, क्योंकि उस समय रायपुर में ही राज्य का एकमात्र मेडिकल कॉलेज था।

उन्होंने कहा कि उस स्थिति से आगे बढ़ते हुए छत्तीसगढ़ में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार हुआ है। आने वाले दो वर्षों में प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 20 से अधिक होने की दिशा में राज्य आगे बढ़ रहा है।

वित्त मंत्री के अनुसार, चिकित्सा शिक्षा के विस्तार से प्रदेश में डॉक्टरों और विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं की उपलब्धता बढ़ाने में मदद मिलेगी।

नवा रायपुर में देशभर से आए कैंसर विशेषज्ञों का स्वागत

वित्त मंत्री ने बाल्को मेडिकल सेंटर और सर्जिकल रिसर्च फाउंडेशन की ओर से छत्तीसगढ़ तथा आसपास के क्षेत्रों के लोगों को चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने के प्रयासों की सराहना की।

उन्होंने आयोजन से जुड़े चिकित्सकों डॉ. यशवंत कश्यप, डॉ. दिवाकर पांडे, डॉ. आलोक कुमार स्वाइन और डॉ. अभिनव इंगले सहित अन्य चिकित्सकों और संस्थाओं के प्रति आभार व्यक्त किया।

श्री चौधरी ने देश के विभिन्न हिस्सों से नवा रायपुर पहुंचे विशेषज्ञ चिकित्सकों का स्वागत करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन चिकित्सा विशेषज्ञों के बीच ज्ञान और अनुभव साझा करने का महत्वपूर्ण मंच उपलब्ध कराते हैं।

नवा रायपुर को स्वास्थ्य और अनुसंधान के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने पर जोर

वित्त मंत्री ने नवा रायपुर के विकास का उल्लेख करते हुए इसे छत्तीसगढ़ की ग्रीन कैपिटल सिटी बताया। उन्होंने कहा कि नवा रायपुर को एक ग्रीनफील्ड सिटी के रूप में विकसित किया जा रहा है।

उन्होंने देशभर से आए चिकित्सकों से कॉन्क्लेव में भाग लेने के साथ-साथ नवा रायपुर के नियोजित विकास, हरित क्षेत्रों और उपलब्ध मनोरंजन सुविधाओं को देखने और समझने का आग्रह किया।

श्री चौधरी ने कहा कि नवा रायपुर के विकास में स्वास्थ्य, शिक्षा, अनुसंधान और आधुनिक संस्थानों की महत्वपूर्ण भूमिका है। चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े ऐसे राष्ट्रीय स्तर के आयोजन नवा रायपुर को विशेषज्ञों के बीच संवाद और ज्ञान के आदान-प्रदान का मंच बनाने में भी मदद कर सकते हैं।

विशेषज्ञों ने कैंसर केयर के विभिन्न पहलुओं पर किया मंथन

BMC छत्तीसगढ़ कैंसर कॉन्क्लेव-2026 में देश के अलग-अलग हिस्सों से आए चिकित्सक, कैंसर विशेषज्ञ और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधि शामिल हुए।

कॉन्क्लेव में कैंसर केयर को अधिक प्रभावी और संतुलित बनाने, मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने तथा आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों और तकनीकों के उपयोग से जुड़े विषयों पर चर्चा की गई।

कार्यक्रम का उद्देश्य कैंसर उपचार के क्षेत्र में विशेषज्ञों के बीच ज्ञान और अनुभव का आदान-प्रदान करना तथा मरीज-केंद्रित स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत करने की दिशा में विचार-विमर्श करना रहा।

स्वास्थ्य क्षेत्र में दीर्घकालिक तैयारी की जरूरत

कॉन्क्लेव में सामने आया प्रमुख संदेश यह रहा कि भविष्य की स्वास्थ्य चुनौतियों से निपटने के लिए केवल अस्पतालों और उपचार सुविधाओं का विस्तार पर्याप्त नहीं होगा। इसके साथ पर्याप्त संख्या में प्रशिक्षित स्वास्थ्य मानव संसाधन, विशेषज्ञ सेवाएं, चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान, बीमारी की शुरुआती पहचान और जन-जागरूकता को भी मजबूत करना होगा।

विकसित भारत के लक्ष्य के संदर्भ में वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने स्वस्थ आबादी को आर्थिक और सामाजिक विकास की महत्वपूर्ण आधारशिला बताया। BMC छत्तीसगढ़ कैंसर कॉन्क्लेव-2026 ने कैंसर केयर को उपचार के साथ-साथ रोकथाम, शुरुआती पहचान, विशेषज्ञ सेवाओं और अनुसंधान से जोड़कर देखने की आवश्यकता पर जोर दिया।

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