रायपुर | 14 अक्टूबर 2026 | Bharat36national News
छत्तीसगढ़ में खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए बनेगा मजबूत स्पोर्ट्स इकोसिस्टम, स्कूलों से लेकर उत्कृष्टता केंद्रों तक विकसित होगी प्रशिक्षण व्यवस्था
छत्तीसगढ़ में खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के उद्देश्य से राज्य सरकार खेल क्षेत्र में व्यापक बदलाव की दिशा में आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन की उच्चस्तरीय समीक्षा करते हुए स्पष्ट किया कि राज्य का लक्ष्य गांव के खेल मैदानों से प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान कर उन्हें अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने के लिए एक सुनियोजित व्यवस्था विकसित करना है। इस दिशा में ग्रामीण, जनजातीय और दूरस्थ अंचलों के खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, आधुनिक खेल सुविधाएं, विशेषज्ञ कोचिंग और प्रतियोगिताओं में भागीदारी के अवसर उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने 13 अक्टूबर 2026 को मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन की कार्ययोजना केवल खेल अधोसंरचना के विकास तक सीमित न रहे, बल्कि प्रतिभा की पहचान से लेकर उच्चस्तरीय प्रदर्शन तक खिलाड़ियों को हर आवश्यक सुविधा उपलब्ध कराने वाली प्रभावी व्यवस्था तैयार की जाए।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। जरूरत इन प्रतिभाओं को समय पर पहचानने, उन्हें गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण देने और अपनी क्षमता साबित करने के लिए पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराने की है।
गांवों और जनजातीय अंचलों की प्रतिभाओं पर विशेष फोकस
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के ग्रामीण क्षेत्रों, जनजातीय अंचलों और दूरस्थ इलाकों में अनेक प्रतिभाशाली खिलाड़ी मौजूद हैं। इन क्षेत्रों में तीरंदाजी, कबड्डी सहित विभिन्न खेलों के प्रति युवाओं का स्वाभाविक जुड़ाव देखने को मिलता है। यदि इन खिलाड़ियों को उचित मार्गदर्शन, आधुनिक प्रशिक्षण और संसाधन उपलब्ध कराए जाएं, तो वे प्रदेश का नाम राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन कर सकते हैं।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि खेल प्रतिभाओं की खोज केवल बड़े शहरों, जिला मुख्यालयों और स्थापित खेल अकादमियों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। खेल उत्कर्ष मिशन के तहत जमीनी स्तर पर प्रतिभाओं की पहचान करने के लिए व्यापक और व्यवस्थित प्रयास किए जाएं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी प्रतिभाशाली खिलाड़ी को आर्थिक, भौगोलिक या संसाधनों की कमी के कारण पीछे नहीं रहना चाहिए। मिशन की सफलता इसी बात से तय होगी कि प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों में छिपी प्रतिभाओं को किस हद तक बेहतर अवसर उपलब्ध कराए जा सकते हैं।
स्कूल स्तर से विकसित होगी खेल संस्कृति
राज्य में खेलों को बढ़ावा देने के लिए स्कूली स्तर से ही बच्चों को नियमित खेल गतिविधियों से जोड़ने पर जोर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले गांवों में बच्चों का खेल के मैदानों से स्वाभाविक जुड़ाव रहता था, लेकिन बदलती जीवनशैली के कारण यह जुड़ाव कम हुआ है। इसे फिर से मजबूत करने की जरूरत है।
उन्होंने स्कूलों में व्यायाम शिक्षकों के माध्यम से नियमित खेल गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। स्कूलों में बच्चों की खेल प्रतिभाओं की शुरुआती पहचान होने से उन्हें कम उम्र में ही उपयुक्त खेल विधा के अनुसार प्रशिक्षण दिया जा सकेगा।
मुख्यमंत्री के अनुसार, खेल केवल शारीरिक स्वास्थ्य तक सीमित नहीं हैं। इनके माध्यम से बच्चों में अनुशासन, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और टीम भावना का भी विकास होता है। राज्य सरकार चाहती है कि बच्चों और युवाओं के लिए खेलों को एक बेहतर करियर के रूप में अपनाने का अनुकूल वातावरण तैयार हो।
फीडर सेंटर से सेंटर ऑफ एक्सीलेंस तक बनेगा प्रशिक्षण नेटवर्क
मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन के तहत खिलाड़ियों के प्रशिक्षण के लिए चरणबद्ध व्यवस्था विकसित करने की योजना है। इसके अंतर्गत फीडर सेंटर, खेल अकादमियों, उच्च प्रदर्शन प्रशिक्षण केंद्रों और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर विचार किया गया।
प्रस्तावित व्यवस्था के अनुसार, फीडर सेंटरों के माध्यम से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के प्रतिभाशाली बच्चों की पहचान कर उन्हें शुरुआती प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को उच्चस्तरीय प्रशिक्षण केंद्रों और खेल अकादमियों से जोड़ा जाएगा।
इस व्यवस्था का उद्देश्य खिलाड़ियों के विकास की पूरी प्रक्रिया को व्यवस्थित बनाना है, ताकि प्रतिभा की पहचान होने के बाद प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं के अवसरों के अभाव में खिलाड़ियों की प्रगति बाधित न हो।
मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों के प्रदर्शन और प्रगति की नियमित निगरानी के लिए भी प्रभावी तंत्र विकसित करने के निर्देश दिए। इसके माध्यम से प्रत्येक चयनित खिलाड़ी के प्रशिक्षण, प्रदर्शन और आवश्यकताओं का आकलन कर उसे अगले स्तर तक पहुंचाने की दिशा में काम किया जा सकेगा।
इन खेलों के विकास पर रहेगा विशेष ध्यान
समीक्षा बैठक में एथलेटिक्स, तीरंदाजी, हॉकी, मुक्केबाजी, कुश्ती, भारोत्तोलन, तैराकी, बैडमिंटन, जूडो और कबड्डी सहित प्राथमिकता वाले खेलों के विकास की कार्ययोजना पर चर्चा हुई।
इन खेलों के लिए आवश्यक प्रशिक्षण सुविधाओं, प्रशिक्षित कोचों और खेल अधोसंरचना की उपलब्धता को बेहतर बनाने पर जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस खेल में जिस क्षेत्र की संभावनाएं अधिक हों, वहां उसी के अनुरूप विशेषज्ञ प्रशिक्षकों की व्यवस्था और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
इस रणनीति के माध्यम से स्थानीय खेल प्रतिभाओं को उनकी क्षमता और रुचि के अनुसार आगे बढ़ने का अवसर देने की दिशा में काम किया जाएगा।
स्पोर्ट्स साइंस, पोषण और फिटनेस से बेहतर होगा प्रदर्शन
आधुनिक खेल प्रतिस्पर्धाओं में खिलाड़ियों की सफलता के लिए केवल अभ्यास पर्याप्त नहीं है। फिटनेस, पोषण, मानसिक तैयारी, तकनीकी दक्षता और चोटों से बचाव भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसे ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन के तहत स्पोर्ट्स साइंस सुविधाओं के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
बैठक में खिलाड़ियों के स्वास्थ्य परीक्षण, वैज्ञानिक प्रशिक्षण, पोषण संबंधी सहयोग, मनोवैज्ञानिक मार्गदर्शन, फिटनेस, चोटों की रोकथाम और पुनर्वास सेवाओं को प्रशिक्षण व्यवस्था का हिस्सा बनाने पर चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतिस्पर्धाओं में तकनीक और खेल विज्ञान की भूमिका लगातार बढ़ रही है। छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों को भी इन आधुनिक सुविधाओं का लाभ मिलना चाहिए, ताकि वे बड़े स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए बेहतर तरीके से तैयार हो सकें।
इसके साथ ही प्रदेश में पहले से उपलब्ध स्टेडियमों, खेल मैदानों और प्रशिक्षण केंद्रों के बेहतर उपयोग, नियमित रखरखाव और आवश्यकतानुसार उन्नयन के निर्देश भी दिए गए।
बिलासपुर स्पोर्ट्स एक्सीलेंस सेंटर की क्षमता 300 करने की योजना
खेल अधोसंरचना के विस्तार के तहत बिलासपुर स्थित स्पोर्ट्स एक्सीलेंस सेंटर की क्षमता बढ़ाने की योजना की भी समीक्षा की गई।
प्रस्तावित योजना के अनुसार, केंद्र में आवासीय खिलाड़ियों की वर्तमान क्षमता 165 से बढ़ाकर 300 करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही यहां संचालित खेल विधाओं का विस्तार करने की योजना पर भी विचार किया गया।
इस विस्तार से अधिक खिलाड़ियों को आवासीय प्रशिक्षण व्यवस्था से जोड़ने और उन्हें बेहतर खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने की संभावनाएं मजबूत होंगी। हालांकि, क्षमता विस्तार और अन्य प्रस्तावित व्यवस्थाओं का क्रियान्वयन संबंधित कार्ययोजना के अनुसार किया जाएगा।
टैलेंट हंट और मुख्यमंत्री ट्रॉफी से सामने आएंगी नई प्रतिभाएं
खिलाड़ियों को प्रशिक्षण के साथ नियमित प्रतियोगिताओं का अवसर उपलब्ध कराने के लिए टैलेंट हंट और मुख्यमंत्री ट्रॉफी जैसे आयोजनों को महत्वपूर्ण माना गया है।
बैठक में विकासखंड, जिला और राज्य स्तर पर नियमित प्रतियोगिताएं आयोजित करने की प्रस्तावित व्यवस्था पर चर्चा हुई। इन प्रतियोगिताओं के माध्यम से दूरस्थ क्षेत्रों के खिलाड़ियों को भी अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिल सकेगा।
प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों की पहचान कर उन्हें उच्चस्तरीय प्रशिक्षण और आगे की प्रतियोगिताओं में भाग लेने के अवसर उपलब्ध कराने की योजना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नियमित प्रतिस्पर्धा खिलाड़ियों में आत्मविश्वास बढ़ाती है और उन्हें अपने प्रदर्शन का आकलन करने का अवसर देती है। बड़े मुकाबलों के लिए तैयार होने में प्रतियोगिताओं का अनुभव महत्वपूर्ण होता है।
महिला और दिव्यांग खिलाड़ियों को मिलेंगे विशेष अवसर
मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन में महिला खिलाड़ियों और दिव्यांग खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने पर भी विशेष जोर दिया गया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन खिलाड़ियों के लिए सुरक्षित वातावरण, गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण, आवश्यक खेल सुविधाएं और पर्याप्त प्रतियोगितात्मक अवसर सुनिश्चित करने की दिशा में प्रयास किए जाएं।
बैठक में महिला खिलाड़ियों के लिए विशेष प्रशिक्षण शिविर, पैरा स्पोर्ट्स के विकास और प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के अनुरूप तैयार करने की योजनाओं पर विचार-विमर्श हुआ।
इस पहल का उद्देश्य खेलों में अधिकाधिक प्रतिभाओं की भागीदारी सुनिश्चित करना और खिलाड़ियों को उनकी क्षमता के अनुरूप आगे बढ़ने का अवसर देना है।
ज्ञानेश्वरी यादव और संजू देवी की उपलब्धियों का उल्लेख
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेश की प्रतिभाशाली खिलाड़ियों ज्ञानेश्वरी यादव और संजू देवी की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के युवाओं में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने की क्षमता है।
उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों की प्रतिभा को कम उम्र में पहचानना और उन्हें लगातार गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण, विशेषज्ञ मार्गदर्शन तथा उच्चस्तरीय प्रतियोगिताओं का अनुभव देना जरूरी है।
इन खिलाड़ियों की उपलब्धियां प्रदेश के अन्य युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन सकती हैं। सरकार की कोशिश है कि भविष्य में अधिक से अधिक खिलाड़ी अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करें।
अगले पांच वर्षों के लिए बनेगी विस्तृत कार्ययोजना
मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन के लिए आगामी पांच वर्षों की स्पष्ट, व्यावहारिक और परिणामोन्मुख कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। बैठक में मिशन के विभिन्न घटकों के क्रियान्वयन और वित्तीय प्रबंधन पर भी विस्तृत चर्चा हुई।
उन्होंने कहा कि खेलों के विकास के लिए केवल खेल एवं युवा कल्याण विभाग के प्रयास पर्याप्त नहीं होंगे। स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, स्वास्थ्य, नगरीय प्रशासन और अन्य संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है।
मुख्यमंत्री ने सभी संबंधित विभागों को समन्वित प्रयासों के माध्यम से प्रदेश में मजबूत खेल संस्कृति विकसित करने और खिलाड़ियों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने पर जोर दिया।
पांच वर्षीय कार्ययोजना के तहत प्रतिभाओं की खोज, प्रशिक्षण व्यवस्था, खेल अधोसंरचना, स्पोर्ट्स साइंस, प्रतियोगिताओं और खिलाड़ियों के प्रदर्शन में सुधार जैसे विभिन्न पहलुओं को एक समन्वित ढांचे में विकसित करने की दिशा में मंथन किया गया।
बैठक में ये प्रमुख जनप्रतिनिधि और अधिकारी रहे उपस्थित
मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित समीक्षा बैठक में उप मुख्यमंत्री अरुण साव, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, मुख्य सचिव विकासशील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा, महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमुख सचिव शहला निगार, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित कटारिया, सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव अंकित आनंद, लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश बंसल, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत और खेल विभाग के सचिव यशवंत कुमार सहित संबंधित विभागों के अधिकारी शामिल हुए।
निष्कर्ष: छत्तीसगढ़ में खेल प्रतिभाओं को मिलेगा आगे बढ़ने का व्यवस्थित अवसर
मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन के माध्यम से छत्तीसगढ़ में खेल प्रतिभाओं की पहचान से लेकर उच्चस्तरीय प्रशिक्षण तक एक मजबूत व्यवस्था विकसित करने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों के खिलाड़ियों को अवसर उपलब्ध कराना, स्कूलों में खेल संस्कृति मजबूत करना, प्रशिक्षित कोचों की उपलब्धता बढ़ाना, आधुनिक खेल विज्ञान को प्रशिक्षण से जोड़ना और नियमित प्रतियोगिताओं के माध्यम से खिलाड़ियों को आगे बढ़ाना इस पहल के प्रमुख उद्देश्य हैं।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य केवल खेल सुविधाओं का विस्तार करना नहीं, बल्कि ऐसा स्पोर्ट्स इकोसिस्टम तैयार करना है जिसमें खिलाड़ियों को प्रतिभा पहचान, प्रशिक्षण, पोषण, फिटनेस और प्रतिस्पर्धा के प्रत्येक चरण में आवश्यक सहयोग मिले।
यदि प्रस्तावित योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन होता है, तो इससे प्रदेश के अधिक खिलाड़ियों को अपनी क्षमता विकसित करने और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं तक पहुंचने के अवसर मिल सकते हैं। मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन छत्तीसगढ़ में खेलों को करियर के रूप में स्थापित करने और नई खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो सकता है।
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📰 वर्ष 2022 से पत्रकारिता जगत में सक्रिय सोनू कुमार ने अपनी पहचान निर्भीक, निष्पक्ष और जनहित की पत्रकारिता से बनाई है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत समय घटति घटना दैनिक अख़बार से रायपुर जिला ब्यूरो चीफ के रूप में की। वर्ष 2023 में रायपुर पत्रिका दैनिक से जुड़ने के बाद
इलेक्ट्रॉनिक मीडिया VIP News मे छत्तीसगढ़ में ब्यूरो चीफ बनाए जाने पर विशेष पहचान मिली।
🎙️ प्रिंट मीडिया के साथ-साथ उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में News 21,बुलंद छत्तीसगढ़ तथा आवाम दुत में ब्युरो प्रमुख Chhattisgarh के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाईं।
📺 वर्तमान में वे “Bharat 36 National” YouTube चैनल एवं 🌐 Bharat36National.com पोर्टल के संपादक के रूप में सक्रिय हैं।
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