रायपुर | 29 जून 2026 | Bharat36National Desk
रायपुर जिले के समीप स्थित नकटी (सम्मानपुर) गांव सोमवार को उस समय भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच छावनी में तब्दील हो गया, जब जिला प्रशासन ने सरकारी भूमि पर चिन्हित अतिक्रमण हटाने के लिए व्यापक अभियान शुरू किया। सुबह से शुरू हुई इस कार्रवाई के दौरान बुलडोजर और अन्य मशीनों की मदद से चिन्हित निर्माणों को हटाया गया, जबकि प्रभावित परिवारों और ग्रामीणों ने मौके पर विरोध प्रदर्शन कर कार्रवाई रोकने की मांग की।
स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने पहले से ही सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। अभियान के दौरान वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा और पूरे क्षेत्र की लगातार निगरानी की जाती रही।
सुबह से शुरू हुआ संयुक्त अभियान
सोमवार सुबह निर्धारित समय पर राजस्व विभाग, जिला प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम गांव पहुंची। सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार चिन्हित भूमि पर बने अवैध निर्माणों को हटाने की प्रक्रिया प्रारंभ की गई।
जैसे ही मशीनों ने कार्रवाई शुरू की, बड़ी संख्या में ग्रामीण अपने घरों से बाहर निकल आए और प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। कुछ स्थानों पर लोगों ने जमीन पर बैठकर विरोध जताया और अधिकारियों से कार्रवाई रोकने की अपील की।
पुलिस ने पूरे क्षेत्र में सुरक्षा घेरा बनाकर प्रशासनिक टीम को सुरक्षा उपलब्ध कराई ताकि अभियान बिना किसी बड़े व्यवधान के आगे बढ़ सके।

एक हजार से अधिक पुलिस जवानों की तैनाती
संभावित विरोध और कानून-व्यवस्था की चुनौती को देखते हुए प्रशासन ने पहले ही व्यापक सुरक्षा योजना तैयार कर ली थी। रविवार देर रात से ही गांव के प्रमुख मार्गों, प्रवेश बिंदुओं और संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस बल की तैनाती शुरू कर दी गई थी।
सोमवार को अभियान के दौरान बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी, रिजर्व बल तथा अन्य सुरक्षा कर्मी मौके पर मौजूद रहे। वरिष्ठ अधिकारी लगातार हालात का जायजा लेते रहे और किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए अतिरिक्त बल को भी तैयार रखा गया।
महिलाओं और बुजुर्गों ने जताया विरोध
कार्रवाई के दौरान कई प्रभावित परिवार अपने घरों के सामने बैठ गए। महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं ने प्रशासन से कार्रवाई रोकने की अपील करते हुए कहा कि बिना पुनर्वास की व्यवस्था किए मकान हटाना उचित नहीं है।
कई महिलाएं अधिकारियों के सामने भावुक होती नजर आईं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कुछ स्थानों पर पुलिस और ग्रामीणों के बीच हल्की धक्का-मुक्की जैसी स्थिति भी बनी, हालांकि अधिकारियों ने समय रहते स्थिति को नियंत्रित कर लिया।
सड़क पर प्रदर्शन, कुछ देर प्रभावित रहा यातायात
कार्रवाई के विरोध में ग्रामीणों ने मुख्य सड़क पर बैठकर प्रदर्शन किया, जिससे कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित हुआ। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से अभियान तत्काल रोकने और मामले की दोबारा समीक्षा करने की मांग की।
अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर शांति बनाए रखने की अपील की और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल को मौके पर सक्रिय रखा गया।
पथराव की सूचना के बाद बढ़ाई गई सुरक्षा
अभियान के दौरान कुछ शरारती तत्वों द्वारा बुलडोजर की ओर पत्थर फेंके जाने की सूचना भी सामने आई। इसके बाद पुलिस ने सुरक्षा घेरा और मजबूत कर दिया तथा मशीनों और प्रशासनिक अधिकारियों की सुरक्षा बढ़ा दी।
हालांकि प्रशासनिक कार्रवाई निर्धारित योजना के अनुसार जारी रही और किसी बड़ी अप्रिय घटना की पुष्टि नहीं हुई।
प्रशासन का दावा: पूरी कार्रवाई कानूनी प्रक्रिया के तहत
जिला प्रशासन का कहना है कि संबंधित भूमि सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज है और वहां किए गए अतिक्रमण को हटाने से पहले सभी आवश्यक कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया गया।
अधिकारियों के अनुसार प्रभावित पक्षों को पहले ही नोटिस जारी किए गए थे तथा निर्धारित समय सीमा के भीतर भूमि खाली करने का अवसर दिया गया था। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराना नियमित प्रशासनिक कार्रवाई का हिस्सा है।
ग्रामीणों ने उठाए पुनर्वास के सवाल
प्रभावित परिवारों का कहना है कि उन्हें पर्याप्त समय नहीं मिला और पुनर्वास या वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित किए बिना मकानों को हटाया जा रहा है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि कार्रवाई पर पुनर्विचार किया जाए, प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की स्पष्ट योजना बनाई जाए और मानवीय दृष्टिकोण अपनाया जाए।
अधिकारियों की निगरानी में जारी रहा अभियान
समाचार लिखे जाने तक गांव में सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह लागू थी। प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद रहकर अभियान की निगरानी कर रहे थे।
अधिकारियों ने लोगों से अफवाहों से बचने, शांति बनाए रखने और कानून-व्यवस्था में सहयोग करने की अपील की है। वहीं ग्रामीणों ने अपनी मांगों को लेकर प्रशासन से वार्ता जारी रखने की बात कही है।
Bharat36National Fact File
स्थान: नकटी (सम्मानपुर), रायपुर जिला
तारीख: 29 जून 2026 (सोमवार)
कार्रवाई: सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने का अभियान
सुरक्षा व्यवस्था: 1000 से अधिक पुलिसकर्मी एवं अधिकारी तैनात
मुख्य घटनाक्रम: बुलडोजर से कार्रवाई, ग्रामीणों का विरोध, सड़क प्रदर्शन, सुरक्षा घेरा
प्रशासन का पक्ष: नोटिस के बाद कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई
ग्रामीणों की मांग: पुनर्वास, वैकल्पिक व्यवस्था और कार्रवाई की समीक्षा
Disclaimer
यह समाचार प्रशासनिक अधिकारियों, स्थानीय सूत्रों, प्रत्यक्षदर्शियों एवं उपलब्ध प्रारंभिक जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। समाचार में प्रशासन और ग्रामीणों के दावे उनके-अपने पक्ष के अनुसार प्रस्तुत किए गए हैं। यदि जिला प्रशासन, राजस्व विभाग, पुलिस अथवा अन्य संबंधित पक्ष की ओर से कोई नया आधिकारिक बयान या तथ्य सामने आते हैं, तो समाचार को उसी के अनुरूप अद्यतन किया जाएगा। Bharat36National पाठकों से अपील करता है कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले केवल आधिकारिक एवं सत्यापित जानकारी पर ही भरोसा करें।

📰 वर्ष 2022 से पत्रकारिता जगत में सक्रिय सोनू कुमार ने अपनी पहचान निर्भीक, निष्पक्ष और जनहित की पत्रकारिता से बनाई है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत समय घटति घटना दैनिक अख़बार से रायपुर जिला ब्यूरो चीफ के रूप में की। वर्ष 2023 में रायपुर पत्रिका दैनिक से जुड़ने के बाद
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